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इंटरनेट बंद करने के मामले में दुनिया में सबसे आगे है भारत, इतनी बार किया बंद

मल्टीमीडिया डेस्क। देश में इन दिनों CAA और NRC के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। जहां एक तरफ नागरिकता कानून से भारत में रहने वाले किसी भी धर्म के व्यक्ति को कोई खतरा नहीं है वहीं NRC को लेकर तो अब तक कोई ड्राफ्ट भी नहीं बना जिसमें देश में रह रहे लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जाए। ऐसे में जो कानून बना नहीं उसके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और कईं राज्यों में इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। यह पहली बार नहीं है जब देश में इस तरह के किसी हिंसक प्रदर्शन के बाद अफवाहों को रोकने के लिए और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए इंटरनेट पर रोक लगाई गई है। वास्तव में देखा जाए तो भारत ऐसा करने वाले देशों की लिस्ट में पहले नबंर पर है।

2018 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत ऐसा देश है जहां दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट बंद किया जाता है। यह दावा इंटरनेट एवोकेसी ग्रुप की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में कुल इंटरनेट शटडाउन का 67 प्रतिशत भारत में होता है। हालांकि, भारत से ज्यादा कड़े इंटरनेट नियमों वाले देशों जिसमें चीन भी शामिल है, उनके पूरे डेटा उपलब्ध नहीं हो पाए हैं क्योंकि इनके डेटा की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं है।

सॉफ्टवेयर फ्रीडम एंड लॉ सेंटर (SLFC) की रिपोर्ट के अनुसार, 2012 से भारत में 373 बार इंटरनेट बद किया गया। एजेंसी 2012 से ही इस डेटा को ट्रैक कर रही है। भारत में इंटरनेट जिन राज्यों में इन दिनों बंद किया जा रहा है उनमें दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश शामिल हैं। लेकिन यह अकेले ऐसे राज्य नहीं है। प्रदर्शन के दौरान अन्य राज्यों में भी स्थिति को संभालने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए इंटरनेट बंद किया जाता है।

SLFC की रिपोर्ट में भारत में इंटरनेट पर इतनी ज्यादा रोक के पीछे कईं कारण गिनाए गए हैं। इनमें कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे अहम कारण है। इसके अलावा कुछ राज्यों में तो परीक्षा में नकल रोकने तक के लिए ऐसा किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार 2012 में जम्मू-कश्मीर में 180 बार इंटरनेट शटडाउन किया गया था। इस साल भी अनुच्छेद 370 हटाने के पहले सरकार ने राज्य में इंटरनेट पर रोक लगाई थी जो लंबे समय तक रही।

 

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