Follow us:

मोबाइल नंबर से आधार डी-लिंक करवाने के लिए भी देना पड़ेंगे यह कागजात

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में आधार कार्ड को लेकर दिए फैसले के बाद अब बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर से आधार लिंक करना जरूरी नहीं है। इसके बाद अब यह कोशिश की जा रही है कि जो खाते पहले से लिंक हैं उन्हें डी-लिंक कैसे करवाया जाए। ऐसे में खबर है कि अगर ऐसा इसलिए होगा क्योंकि UIDAI ने टेलिकॉम कंपनियों से प्लान मांगा है जिससेआधार कार्ड बेस्ड eKYC बंद किया जा सके।जानकारी के मुताबिक, जो कस्टमर आधार को डीलिंक करवाना चाहेंगे उन्हें कोई और प्रूफ जमा करवाना होगा। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, राशन कार्ड, इलेक्शन आईडी कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली बिल आदि मान्य होंगे

आधार कार्ड की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) टेलीकाम कंपनियों द्वारा इसका इस्तेमाल रोकने की कोशिशों में जुट गया है। इसमें दूरसंचार कंपनियों से पूछा गया है कि अब मोबाइल सिमकार्ड के सत्यापन के लिए होने वाले आधार कार्ड नंबर के इस्तेमाल को कैसे रोका जाएगा। टेलीकाम कंपनियों को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

यूआईडीएआई की तरफ से टेलीकाम सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) को एक सर्कुलर जारी किया गया है। जिन कंपनियों से जवाब मांगा गया है उनमें एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया के साथ अन्य कुछ कंपनियां भी शामिल हैं।

सर्कुलर में लिखा है, "सभी कंपनियों से कहा जाता है कि वह 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार पर लिए गए फैसले को ध्यान में रखते हुए जल्द-से-जल्द ऐक्शन लें।" अब कंपनियों को 15 अक्टूबर 2018 तक जवाब दाखिल करना है।

इन जगहों पर आधार की जरूरत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए कई मामलों में इसकी अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा है कि बैंक अकाउंट, मोबाइल सिम, प्राइवेट सेक्टर, स्कूल ऐडमिशन, नीट, सीबीएसई, यूजीसी आदि में आधार की अनिवार्यता नहीं होगी। वहीं आयकर रिटर्न, सरकारी स्कीमों के तहत सब्सिडी लेने के लिए आधार की जरूरत रहेगी।