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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला: PM मोदी बोले- राज़दार मिशेल जब राज़ खोलेगा तो पता नहीं बात कहां तक जाएगी?

नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर और अधिक आक्रामक दिखे. उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए की सरकार में हुए कथित घोटालों के बहाने कांग्रेस परिवार पर निशाना साधा. मोदी ने राजस्थान के सुमेरपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''UPA के समय में देश में VVIP अगस्ता हेलीकॉप्टर का घोटाला हुआ. हम सरकार में आने के बाद उस घोटाले की जांच में निकले और उसमें से एक राजदार हमारे हाथ लग गया. हेलीकॉप्टर कांड के राजदार और दलाल को सरकार दुबई से पकड़ के लायी है. अब राजदार राज़ खोलेगा, पता नहीं बात कहां तक जाएगी, कितनी दूर तक जाएगी.''

पीएम मोदी ने नेशनल हेराल्ड केस को लेकर भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट ने नामदारों के काले कारनामों का चिट्ठा खोलने का अधिकार सरकार को दे दिया है, देखते है ये लूट मचाने वाले कितना बच कर निकलते हैं.

इस चुनावी समर के बीच तीन कथित घोटाले कांग्रेस का पीछा कर रहे हैं. पहला मामला बीकानेर लैंड डील जे जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा आरोपी हैं. दूसरा नेशनल हेराल्ड का मामला है, जिसकी जांच आयकर विभाग के पास है. वहीं तीसरा अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़ा है. जो एक बार फिर से सुर्खियों में है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लगातार पीएम मोदी को घेर रहे हैं.
आपको बता दें कि कल रात करीब 10 बजे वीवीआईपी अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स को भारत लाया गया था. उसे संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किया गया है. सीबीआई के मुताबिक, पटियाला हाउस कोर्ट ने 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इस वारंट के आधार पर इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जिससे फरवरी 2017 में उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया।

मिशेल पर आरोप है कि उसने कंपनी और अधिकारियों के बीच डील किया और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर षडयंत्र रचा. अन्य आरोपियों में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं.

षड्यंत्र के तहत अधिकारियों ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की उड़ान भरने की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था.