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मध्यप्रदेश : भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी

भोपाल। भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। एक-दो दिन में दावे-आपत्ति मंगाने के लिए राजपत्र में इसका प्रकाशन भी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर दावे-आपत्ति मंगाने के लिए एक सप्ताह का समय तय किया गया है। सुनवाई के बाद कलेक्टर अपनी सिफारिशों को राज्य सरकार के पास भेजेंगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटा जाए। इसमें कोलार और भोपाल नगर निगम होंगे। कोलार नगर निगम में 31 वार्ड होंगे और इसकी जनसंख्या करीब सात लाख होगी। वहीं पुराने भोपाल में 54 वार्ड होंगे और 12 लाख जनसंख्या होगी।

राज्यपाल का विशेषाधिकार इस प्रस्ताव पर भी राज्यपाल की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। दावेआपत्ति के बाद सरकार का प्रस्ताव राज्यपाल की मंजूरी के लिए जाएगा। मप्र नगर निगम कानून के मुताबिक यह प्रस्ताव कैबिनेट से पास नहीं होगा। राज्यपाल चाहें तो इसे नामंजूर कर सकते हैं। यह राज्यपाल का विशेषाधिकार होता है। महापौर के चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराने के फैसले पर हुए टकराव के मद्देनजर इस मामले में भी राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

किस नगर निगम में होंगे कौन से इलाके

कोलार (नया भोपाल) : कोलार, भेल, इंद्रपुरी, होशंगाबाद रोड, करोंद सहित अन्य इलाके।

पुराना भोपाल : बैरागढ़, एमपी नगर, शाहपुरा, ओल्ड सिटी, बड़े तालाब के किनारे का पूरा इलाका, टीटी नगर, नेहरू नगर आदि।

दो नगर निगम को लेकर आपत्ति भी

इधर, नगरीय विकास विभाग में दो नगर निगम बनाए जाने को लेकर आपत्ति भी है। कुछ अधिकारियों ने विभाग को कहा है कि यह विभाजन अनुचित है।

दो निगम बनाने को लेकर कई चुनौतियां भी

- नागरिकों की मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल आपूर्ति में बड़ी समस्या आएगी, क्योंकि बड़ा तालाब पुराने भोपाल क्षेत्र में आएगा। इससे नए नगर निगम में आपूर्ति बाधित होगी।

- केंद्र प्रवर्तित योजनाएं जैसे अमृत, पीएमआवास योजना, स्मार्ट सिटी भोपाल नगर निगम के लिए स्वीकृत हैं, न कि कोलार नगर निगम के लिए।

- आदमपुर छावनी जिसे नगर निगम ने लैंडफिल साईट घोषित किया गया है। विभाजन के बाद यह नगर निगम कोलार का हिस्सा हो जाएगा। ऐसे में पुराने नगर निगम के लिए दोबारा लैंडफिल साईट की व्यवस्था करनी होगी।

भोपाल को दो नगर निगम में बांटने के प्रस्ताव पर जल्द दावेआपत्ति मंगाएंगे। इस आधार पर ही तय होगा कि दो नगर निगम बनाए जाएं या नहीं। - संजय दुबे, प्रमुख सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग

 

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