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पुलिस की पिटाई से युवक की मौत, गृह मंत्री बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल। राजधानी की बैरागढ़ पुलिस ने आज रात ढाई बजे बीआरटीएस कॉरिडोर से XUV निकालने के जुर्म में दो युवकों को इतना पीटा कि उनमें से एक कि मौत हो गई। मृतक की करीब 15 तोले सोने की चेन ओर अंगूठी भी पुलिस ने लूट ली। मरने वाले युवक का नाम शिवम मिश्रा है। उसके पिता साइबर सेल में हैं। रात ढाई बजे शिवम ओर उसका दोस्त गोविंद शर्मा ढाबे से खाना खा कर लौट रहे थे। बीआरटीएस कॉरिडोर में उनकी xuv रेलिंग से टकराने पर लालघाटी पुलिस दोनों को बैरागढ़ ले गई। दोनों की इस कदर पिटाई की गई कि शिवम की मौत हो गई। जब पुलिस उन्हें पीट रही थी, वो पूछ रहे थे हमारा जुर्म क्या है। गोविंद घायल है। परिजन हमीदिया अस्पताल मरचुरी में हैं। वे हत्या और लूट का प्रकरण दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। डीआईजी इरशाद वली भी हमीदिया अस्पताल पहुंचे हुए हैं और मृतक शिवम के परिवार वालों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच आईजी योगेश देशमुख ने बैरागढ़ थाने के पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसमें बैरागढ़ के टीआई अजय मिश्रा, एसआई राजेश तिवारी और तीन जवान शामिल हैं। इस मामले में गृह मंत्री बाला बच्चन का बयान आया है। उन्होंने साफ कर दिया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

 

अपने कलेजे के टुकड़े को इस हाल में देखकर घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता खुद पुलिस में है। लेकिन अपने बेटे की मौत के बाद उनके भी आंसू थम नहीं रहे। वो बस दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतक के पिता को पीएम के लिए राजी करने के लिए साइबर सेल की एआईजी शशिकांत शुक्ला हमीदिया अस्पताल पहुंचे हैं। बच्चे की पिता की पोस्टिंग साइबर सेल में ही क्लर्क रूप में है।

 

ये है पूरा मामला

हमीदिया अस्पताल में मौजूद मृतक के मामा ह्दयेश भार्गव ने बताया कि मंगलवार देर रात उनका भांजा शिवम और उसका दोस्त गोविंद बैरागढ़ से आगे एक ढाबे पर खाना खाने जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी लालघाटी से आगे पहुंचीं। बीआरटीएस कॉरिडोर से टकरा गई। आनन-फानन में डायल-100 के जवान मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को पास की पुलिस चौकी पर ले आए। यहां दोनों की जमकर पिटाई की गई। बैरागढ़ थाने का मामला होने की वजह से वहां की पुलिस को हादसे की जानकारी दी गई। इसके बाद बैरागढ़ पुलिस आई और दोनों युवकों को थाने ले गई। वहां भी शिवम और उसके दोस्त की जमकर पिटाई की गई। शिवम ने कई बार पिटाई कर रहे पुलिसवालों को बताया कि उसके पिता भी पुलिस में हैं। लेकिन पिटाई कर रहे पुलिसवालों ने उसकी एक नहीं सुनी और लगातार उसे मारते रहे। इसके बाद शिवम ने दम तोड़ दिया। मृतक पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था। लेकिन कई बार परीक्षा में नाकाम होने के बाद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहा था।

 

परिजनों का आरोप है कि जब शिवम की थाने में पिटाई हो रही थी तो उस वक्त मृतक शिवम के चाचा जो इंदौर में सब-इंस्पेक्टर हैं, उन्होंने बैरागढ़ टीआई अजय मिश्रा को फोन लगाकर इसकी जानकारी दी थी और अपने भतीजे को छोड़ने की गुहार लगाई थी। लेकिन इसके बावजूद शिवम को इस बेरहमी से पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। ऐसे में परिजनों ने पिटाई करने वाले पुलिसवालों के साथ बैरागढ़ टीआई को बर्खास्त करने की मांग की है।

मृतक शिवम के पिता सुरेश मिश्रा ने भी आरोप लगाया कि उनके बेटे की पुलिस ने हत्या की। उन्होंने बताया कि,"बेटे के पास पैसे और सोने की चेन थी। जो नहीं मिल रही है। टक्कर के बाद गाड़ी पूरी तरह टूट गई थी। लेकिन बेटे को खरोंच तक नहीं आई थी। लेकिन थाने ले जाकर पुलिस ने इतनी पिटाई कि उसके कान और शरीर पर निशान पड़ गए थे। मुझे शक है कि पुलिस अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।" उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। फिलहाल परिजन मृतक शिवम का पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार नहीं है।

बैरागढ़ थाने में हंगामे की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। खुद आईजी योगेश देशमुख बैरागढ़ थाने पहुंचे हुए हैं। वहीं हमीदिया अस्पताल के बाहर भी पुलिस तैनात की गई है।