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दिग्विजय सिंह यूरोप दौरे पर, मौका देख बेटे ने सिंधिया को लंच पर बुलाया

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के बुलाने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया पुरानी तल्खियां भुलाकर राघौगढ़ किले में लंच पर पहुंच रहे हैं. कांग्रेस के मुताबिक इसमें एकजुटता का संदेश छुपा है कि पूरी कांग्रेस अब एकजुट हो चुकी है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया का राघौगढ़ लंच पर जाना साबित करता है कि सिंधिया के बारे में जो बातें कही जाती थीं वो गलत हैं. दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की बीच की तल्खियां किसी से छुपी नहीं है. ऐसे में दिग्विजय सिंह जिस समय यूरोप में हैं, जयवर्धन ने सिंधिया को लंच पर आमंत्रित किया है. खास बात यह है कि सिंधिया ने आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है. तो क्या ये नए संबंधों की शुरुआत मानी जाए.

गौरतलब है कि जयवर्धन सिंह का नाम युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर भी देखा जा रहा है. ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जयवर्धन को पार्टी में प्रदेश महासचिव जैसा भी कोई पद मिलने की संभावनाएं हैं. ऐसे में हाईकमान के सामने सिंधिया के समर्थन की जरुरत जयवर्धन सिंह को होगी. हालांकि औपचारिक तौर पर इस लंच को सिर्फ एकता का संदेश कहा जा रहा है.

वहीं, मामले में प्रभात झा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा है. प्रभात झा का कहना है कि छोटे महलपति ने बड़े महलपति को लंच पर बुलाया है. ये अमीरों की पार्टी है अमीरों के किलों और महलों में लंच होते हैं. हैरानी तब होती जब किसी गरीब को खाने पर बुलाया जाता.


झा ने आगे कहा कि पहले सिंधिया को 3 बार सलामी दी जाएगी, फिर लंच होगा. सिंधिया को किसी भी लंच का स्वाद नहीं आता उन्हें सिर्फ वोट दिखते हैं. ये वोट की राजनीति है, कुर्सी बचाने की कोशिश में सिंधिया ने लंच पर जाना स्वीकार किया है.