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घर पहुंचकर पशुओं का इलाज करेंगे डॉक्टर, MP में लागू होगी पशु संजीवनी योजना

भोपाल। पशुपालकों को अब पशुओं के बीमार होने पर अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बीमारी की सूचना टोल फ्री नंबर 1962 पर दर्ज होते ही नजदीकी विकासखंड में तैनात वैन मौके पर पहुंच जाएगी। वैन में एक डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाइयां रहेंगी।

इलाज पूरी तरह फ्री रहेगा। यह व्यवस्था पशु संजीवनी योजना के नाम से 15 अगस्त से पूरे मध्यप्रदेश में लागू होने जा रही है। इस योजना में इस साल दस करोड़ और अगले साल से 20 करोड़ रुपए सालाना वित्तीय भार आएगा।

पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव केसी गुप्ता ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 11 जिलों में योजना शुरू की गई थी पर कॉल अटेंड करने को लेकर दिक्कत आ रही थी। इसे देखते हुए नई व्यवस्था बनाई गई है। अब हर विकासखंड में एक गाड़ी (वैन) रहेगी, जो कॉल सेंटर से अटैच रहेगी।

बीमारी के स्तर को देखते हुए यह तय होगा कि कितने घंटे के भीतर बीमारी पशु को देखना है। इसकी सूचना एसएमएस के जरिए पशुपालक को दी जाएगी। गाड़ी आउटसोर्स की जाएगी। ड्राइवर और उसमें एक गौ-सेवक भी रहेगा। किसी एक क्षेत्र से लगातार कॉल आने पर पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले पशु चिकित्सालय के डॉक्टर शिकायत देखेंगे।