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किसान आंदोलन: सीएम शिवराज का दूसरे दिन भी उपवास जारी

भोपाल। मुख्‍यमंत्री का दूसरे दिन भी उपवास जारी है और इस बीच ये अटकलें भी लगाई जा रही है कि वह अपना उपवास आज तोड़ सकते हैं। इसके पीछे यह भी कारण बताया जा रहा है कि अब हिंसा थम गई है और किसानों से बातचीत के लायक माहौल तैयार हो गया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने उपवास के पहले दिन 200 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। आंदोलन कर रहे प्रमुख किसान संगठनों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। हालांकि इसमें एक संगठन किसान सेना इंदौर में 4 जून को ही आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर चुका था।

इंदौर के किसान सेना और उज्जैन के किसान संगठन नाम के दो संगठनों ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा मंच से की। इन लोगों ने किसानों की समस्याओं से भी सीएम को अवगत कराया। किसी ने पट्टे न मिलने की शिकायत की तो किसी ने फसल की कीमत से कर्ज की राशि बैंकों द्वारा काटे जाने को गलत बताया।

स्थानीय समस्या लेकर आए किसान

पांच-पांच सदस्यों के 236 प्रतिनिधिमंडल में ज्यादातर किसान स्थानीय समस्या लेकर पहुंचे। बैतूल जिले से आए रामकृष्ण सरकार, सहदेव राय ने बताया कि उनके गांव में कई किसानों को पट्टे नहीं मिले। इस वजह से न तो किसान ऋण मिलता है और न ही सोसायटी में धान बिकता है।

बैंक काट रहे कर्ज का पैसा

बैरसिया के कुबेर सिंह गुर्जर ने बताया कि फसल बेचने के बाद 25 दिनों तक खाते में पैसा नहीं आता और पैसा आते ही सहकारी बैंक कर्ज का पैसा उसमें से ही काट लेते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने समस्या के हल का आश्वासन दिया है।

 

मंत्री रामपाल सिंह के जूते गुमे

मुख्यमंत्री के उपवास के दौरान लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह के जूते गुम हो गए। रामपाल सिंह मंच पर अन्य मंत्रियों के साथ बैठे थे, जब वे मंच के पीछे किसानों के साथ चर्चा कर सीएम के पास जाने के लिए जूते ढूंढने लगे तो उन्हें जूते ही नहीं मिले। रामपाल को फिर नंगे पैर ही बाहर निकलना पड़ा।

राघौगढ़ मंडल अध्यक्ष का पर्स चोरी

उपवास में राघौगढ़ से किसानों को लेकर आए मंडल अध्यक्ष राजीव नैने शर्मा का पैसों और जरूरी दस्तावेजों से भरा पर्स चोरी हो गया। शर्मा ने बताया कि पर्स में करीब 10 हजार रुपए, लाइसेंस और अन्य दस्तावेज थे।