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नीतीश सरकार के खिलाफ जल्द शुरू होगी तेजस्वी की 'बेरोजगारी हटाओ यात्रा', देखें- रथ की तस्वीरें

नीतीश कुमार ने भी चुनाव से ठीक एक साल पहले पिछले अक्टूबर में 'जन जीवन और हरियाली' अभियान के जरिए बिहार का दौरा किया था और अब तेजस्वी की यात्रा नीतीश कुमार को जवाब के तौर पर भी देखी जा रही है.

नई दिल्ली। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. बिहार की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी ने बिहार सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने के लिए कमर कस ली है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव नीतीश सरकार को घेरने के लिए राज्य स्तर पर 'बेरोजगारी हटाओ यात्रा' की शुरुआत करने जा रहे हैं. आरजेडी सूत्रों के मुताबिक करीब 2 महीने तक तेजस्वी यादव बिहार के कोने-कोने में जाकर युवाओं को मौजूदा सरकार की नाकामियों से वाकिफ कराएंगे.

पार्टी का मानना है कि बिहार में युवाओं की आबादी 60 फीसदी के करीब है और राज्य में व्याप्त बेरोजगारी आगामी चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है. जिसे देखते हुए ही पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत इन्हीं बेरोजगारों को ध्यान में रखकर करने का फैसला लिया है, 'बेरोजगारी हटाओ यात्रा' की शुरुआत 23 फरवरी को पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में तेजस्वी की एक बड़ी जनसभा के बाद होगी, जानकारी के मुताबिक तेजस्वी यादव एक जिले में कम से कम दो बार जाने की कोशिश करेंगे.

यूं तो इस तरह की यात्राएं बिहार में लालू यादव पहले भी करते रहे हैं. उनके खास रथ को बाद में तेजस्वी यादव ने भी कई यात्राओं में इस्तेमाल किया, लेकिन इस बार की तेजस्वी यादव की यात्रा के लिए इस 'युवा क्रांति रथ' को मुंबई के डिजाइनर्स ने खास तौर पर डिजाइन किया है. एबीपी न्यूज़ के पास मौजूद तेजस्वी यादव के रथ की EXCLUSIVE तस्वीरों में रथ के ठीक सामने 'नया नेतृत्व, नया बिहार' का नारा साफ तौर पर देखा जा सकता है. जाहिर तौर पर आरजेडी इसी नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है.

रथ के दोनों तरफ तेजस्वी के साथ ही लालू यादव और राबड़ी देवी की बड़ी-बड़ी फोटो लगी हुई है. वैसे तो रथ पर बिहार में स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बिजली, सिंचाई जैसे तमाम मुद्दों का जिक्र हुआ है लेकिन सबसे ज्यादा जोर 'बेरोजगारी' के मुद्दे पर ही है. इसीलिए रथ के चारों ओर 'तेजस्वी के साथ लाएंगे बदलाव', 'हर बिहारी मांगे भागीदारी', 'हमें चाहिए नौकरी और न्याय', 'जाग उठा है युवा' और 'रोजगार हमारा हक' जैसे नारे लिखे हुए हैं.

यानी साफतौर पर तेजस्वी यादव अपने चुनावी अभियान की शुरुआत युवाओं को केंद्र में रखकर करने जा रहे हैं. पार्टी का मानना है कि बिहार में बेरोजगारी और उसकी वजह से होने वाला पलायन वो सबसे बड़ा मुद्दा है जिसके जरिए नीतीश कुमार के 15 साल के शासनकाल के 'सुशासनी' किले को ढहाया जा सकता है.

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