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Bastar : नक्सली हमले में दो दिन पहले हुई विधायक की हत्या, आज पूरे परिवार ने दिया वोट

दंतेवाड़ा। कुंआकोंडा ब्लॉक स्थित ग्राम श्याम गिरी में दो दिनों पहले नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर स्थानीय विधायक भीमा मंडावी की हत्या कर दी थी। इस घटना में सुरक्षा बल के चार जवान भी शहीद हुए थे। घटना के बाद आज बस्तर में वोटिंग हुई और भीमा के पूरे परिवार ने पोलिंग बूथ पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। घर में मातम का माहौल था, इसके बावजूद लोकतंत्र के पर्व में परिवार के सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाई और गम को भुलाकर नक्सलियों को अपने वोट के जरिए मुंहतोड़ जवाब देने के लिए निकल पड़े।

भीमा के गृहग्राम गदापाल के पोलिंग बूथ क्रमांक में भीमा के पिता लिंगा राम, मां, बहन भीमे, पत्नी ओजस्वी और छोटे भाई लिंगा व संजय ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान भीमा की पत्नी ओजस्वी के गमगीन चेहरे पर एक अलग सी शांति भी नजर आई।

वोट डालकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलते हुए ओजस्वी ने कहा कि मेरे पति ने हमेशा लोकतंत्र का समर्थन किया। वे नक्सलवाद का विरोध करते थे। मेरे पति ने बस्तर में लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए अपनी कुर्बानी दी है। हम इस कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। कोई हमें वोट डालने से नहीं रोक सकता। वोट डालकर हम अपनी सरकार चुनेंगे, ताकि बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा हो। हमें पूरा भरोसा है कि जल्द ही यहां शांति कायम होगी।

भीमा के पिता लिंगा राम ने कहा कि जिस दिन वारदात हुई उस दिन घटना से एक घंटे पहले मुझे फोन पर यह धमकी दी गई थी कि तुम्हारा बेटा अब वापस घर नहीं आएगा। मेरे बेटे की हत्या कर नक्सलियों ने यहां दहशत फैलाने की कोशिश की है। वे लोगों को मतदान से रोकना चाहते थे, लेकिन उनकी कायरतापूर्ण हरकत से हमारा मनोबल कमजोर नहीं हुआ है। बस्तर के लोगों में इस घटना के बाद नक्सलियों के प्रति आक्रोष और भी ज्यादा बढ़ा है। अब तो यहां नक्सलियों का सफाया होना निश्चित है।