Follow us:

मध्यप्रदेश में 'ब्लू व्हेल गेम' को लेकर अलर्ट, स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान

भोपाल। ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है| इस मौत के गेम को लेकर बच्चों में इस कदर दिलचस्पी बढ़ रही है कि वो जोखिम उठाने को भी तैयार हैं| मुंबई में एक बच्चे की आत्महत्या की घटना के बाद इंदौर में इसी गेम से जुड़ी और घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया है| मध्य प्रदेश सरकार ने गेम को लेकर अलर्ट जारी किया है| शिक्षा विभाग छात्रों को ऑनलाइन गेम के साइड इफेक्ट से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगा|


इंदौर में छात्र द्वारा गेम की स्टेज पूरी करने के लिए छत से कूदने की कोशिश के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है| तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर अब स्कूल शिक्षा विभाग आगे आया है और विभाग ने सीबीएसई और सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश देते हुए कहा कि है कि बच्चों को ऐसे गेम से दूर रहने की हिदायत दी जाए. साथ ही काउंसलरों की मदद से रोजाना काउंसलिंग के निर्देश दिए गए|


बच्चों की जान के लिये खतरा बन चुका ऑनलाइन गेम 'ब्लू व्हेल' के दुष्प्रभाव में आकर इंदौर में एक छात्र ने अपने स्कूल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाने की कोशिश की थी| लेकिन छात्रों और टीचर ने बच्चे को सही समय पर रोक लिया था| इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन भी अलर्ट हो गए हैं और बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है| वहीं पालकों के लिए भी जरूरी है कि वो बच्चों को इस गेम से दूर रखें| दुनिया भर में तहलका मचाने वाले इस खूनी खेल ब्लू व्हेल की शुरुआत रूस से हुई है। मोबाइल और लैपटॉप पर खेले जाने वाले इस गेम में 50 दिन में रोज सुबह 4.20 बजे जागना, क्रेन पर चढ़ना, सुई को हाथ या पैर में चुभोना जैसे अलग-अलग टास्क मिलते हैं। टास्क पूरा करने के बाद हाथ पर निशान बनाना पड़ता है। आखिरी स्टेज में आत्महत्या करना पड़ती है। गेम 50 दिन में पूरा होकर ब्लू व्हेल का आकार ले लेता है। रूस पुलिस गेम संचालित करने वाले बुदेइकिन को गिरफ्तार कर चुकी है।