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गुलशन कुमार बायोपिक : आमिर खान ने बदला अपना फैसला, सुभाष कपूर के साथ 'मुगल' में करेंगे काम

मुंबई। Aamir Khan ने Gulshan Kumar biopic से अलग होने के अपने फैसले को बदल दिया है। बता दें कि आमिर इस फिल्म से इसलिए अलग हुए थे कि इसके निर्देशक सुभाष कपूर पर Metoo के तहत आरोप लगाए गए थे। अब आमिर ने पूरी बात को साफ कर दिया है।

'हिंदुस्तान टाइम्स' से बात करते हुए आमिर ने कहा है कि एक व्यक्ति दोषी साबित होने तक निर्दोष है और अदालत न्याय के साथ है। पिछले साल अक्टूबर में आमिर खान ने ट्वीट किया था कि वह 'मुगल' का हिस्सा नहीं होंगे। इस बड़ी फिल्म में वापसी पर लिए गए इस अचानक बदलाव पर आमिर खान ने कहा “किरण और मैं मोगुल का निर्माण कर रहे थे। मैं इसमें एक्टिंग कर रहा था। जब हम फिल्म कर रहे थे तो हमें नहीं पता था कि सुभाष कपूर के खिलाफ एक मामला चल रहा है। मेरा मानना है कि यह पांच या छह साल पुराना मामला है। हम मीडिया स्पेस में बहुत ज्यादा नहीं हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इस पर हमारा ध्यान नहीं गया। पिछले साल, मी-टू मूवमेंट के दौरान, यह मामला सामने आया था और जब हमें इसके बारे में पता चला, हम बेहद परेशान हो गए थे। किरण और मैंने इसके बारे में विस्तार से बात की थी। हम एक सप्ताह से अधिक समय से बड़ी दुविधा में थे।”

सुभाष कपूर के जीवन पर हुए असर का भी आमिर ने जिक्र किया "यह बात वास्तव में हमें परेशान कर रही थी क्योंकि हमें लगा कि हमारी कार्रवाई ने अनजाने में एक व्यक्ति को परेशानी में डाल दिया है, जो इस मामले में अपना रोजगार खोने की कगार पर है, और कब तक? क्या यह एक वर्ष के लिए है? या दस साल? हम नहीं जानते। अगर वह निर्दोष हुए तो क्या होगा? हम बहुत परेशान थे। कानून किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष मानता है जब तक कि वह दोषी साबित न हो जाए। लेकिन जब तक अदालत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं, तब तक क्या उन्हें काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए? क्या ऐसे लोगों को सिर्फ घर पर बैठना चाहिए ? क्या वे खुद के लिए आमदनी नहीं कमा सकते?''

आमिर ने आगे कहा “ हम कई महीनों तक इस परेशान स्थिति में थे। मैं रातों को सो नहीं पाया क्योंकि मैं लगातार महसूस करता था कि मेरे कारण एक व्यक्ति को नुकसान पहुंच सकता है। जिसके अपराध के बारे में मुझे आईडिया नहीं है, वो अब काम करने और अपनी आजीविका कमाने का अधिकार खो सकता है।" आमिर ने माना है कि आपके किसी फैसले के तहत किसी को काम न देना कितना अनुचित है क्योंकि अभी तक अदालत ने अपना फैसला नहीं सुनाया है।

बता दें कि इस साल मई के महीने में आमिर को IFTDA से एक पत्र मिला। IFTDA एक निर्देशक संघ है। उस पत्र में लिखा गया था कि सुभाष कपूर का मामला पक्षपातपूर्ण है और आमिर को उनके मामले पर फैसला करने के लिए अदालत का इंतजार करना चाहिए और ऐसे समय तक निर्देशक को अपनी कमाई का अधिकार नहीं खोना चाहिए। पत्र में लिखा गया कि सुभाष अभी दोषी साबित नहीं हुए है इसलिए कृपया ऐसा कुछ न करें जो उनके लिए नुकसानदेह है।

आमिर ने बताया कि इस पत्र में लिखा गया था ''वह हमारे एसोसिएशन के सदस्य हैं। आप हमारी एसोसिएशन के सदस्य हैं। और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि निर्देशक को काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में वो क्या करेंगे?"

आमिर ने कहा ''जब मैंने वह पत्र पढ़ा तो मुझे और भी अधिक कसूरवार महसूस होने लगा। शायद, हम गलत काम कर रहे हैं। और फिर, हमने अपनी असुविधा को दूर करने के लिए एक और काम करने का फैसला किया। हमने बहुत-सी महिलाओं से मिलने का फैसला किया, जिन्होंने मिस्टर कपूर के साथ काम किया था। इससे हम यह पता लगाना चाहते थे, कि क्या अन्य महिलाएं भी उनके साथ असहज हैं? क्या किसी अन्य महिला का भी ऐसा कोई अनुभव था जहां वह असहज महसूस कर रही थीं। यदि ऐसा है, तो यह हमें निश्चित कर देगा कि हम उनके साथ आगे नहीं जाना चाहते हैं। इसलिए हमने इस तरह की बातचीत शुरू की। हम लगभग 10-12 महिलाओं से मिले या उनके साथ बात की जिन्होंने उनके साथ काम किया था, हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट, असिस्टेंट डायरेक्टर्स, कॉस्ट्यूम अस्सिस्टेंट, इत्यादि।"

आमिर ने इस बातचीत का सार बताया “हमने जो पाया, बिना किसी संदेह के, सभी मिस्टर कपूर के पक्ष में नज़र आए। सभी ने सुभाष की प्रशंसा ही की। उन्होंने कहा कि वह अपने सेट पर सभी का बहुत ध्यान रखते थे। देखभाल करने वाले, संवेदनशील और सहायक, ये वे शब्द थे जो उनके वर्णन के लिए इस्तेमाल किये गए थे। किरण और मैं दोनों पूरी तरह से जानते हैं कि भले ही इन महिलाओं को मिस्टर कपूर के साथ काम करने का बहुत अच्छा अनुभव रहा होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी अन्य महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं कर सकते थे। हालांकि, मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि जिन महिलाओं ने उनके साथ काम किया था, उनके साथ इस बातचीत से हमें सुकून मिला था। और इसलिए, सब कुछ ध्यान में रखते हुए, मैंने IFTDA को यह कहते हुए वापस एक पत्र लिखा कि मैंने अपने निर्णय पर पुनर्विचार किया है, और मैं फिल्म पर वापसी करूंगा।”

आमिर खान ने यह एक साहसी निर्णय लिया है। कहा जा रहा है कि आमिर अब गुलशन कुमार की बायोपिक "मोगुल" में मुख्य भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसे सुभाष कपूर द्वारा ही निर्देशित किया जाएगा। जल्द ही इससे जुड़े तमाम फैसलों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।

 

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