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दुबई क्रिकेट मैदान से राहुल गांधी ने दिया फ्रंट-फुट की राजनीति का संदेश

दुबई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यूएई के दौरे पर हैं और दुबई के क्रिकेट मैदान से उन्होंने यह बता दिया कि 2019 के चुनावी मैच में उनकी टीम किस तेवर और कलेवर के साथ उतरेगी. ढोल-ढमाकों की आवाज़,अतिशबाज़ी की चमक और नारों के बीच स्टेडियम में किसी महानायक सी एंट्री, यह बताने को काफी थी कि 'मोदी-मैजिक' को मात देने की जुगत में जुटे राहुल और उनकी टीम, सियासी 'शो-बिज़नेस' के गुर समझने लगे हैं. वहीं मंच और माइक संभालने के बाद लोगों से रूबरू हुए कांग्रेस प्रमुख ने एकता, समरसता और भारतीयता को अपनी राजनीति बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर तंज भी खूब कसे.

पहली बार विदेशी धरती पर ऐसा स्टेडियम इवेंट कर रहे राहुल ने दुबई के बहाने दुनिया के मुल्कों में बसे भारतीयों को भी छूने का प्रयास किया. उन्होंने जहां एनआरआई बिरादरी की मेहनत और हौसले को सराहा वहीं उनसे भारत की चुनौतियों में मदद की भी अपील की. राहुल ने युवाओं की बेरोजगारी और किसानों की बदहाली को भारत की सबसे बड़ी समस्या करार दिया.

एनआरआई भारतीयों की मुद्दों को 2019 के लिए कांग्रेस के घोषणा पत्र में जगह देने के आश्वासन के साथ साथ राहुल ने प्रवासी भारतीयों को अपनी तरफ से हर सम्भव सहायता का भरोसा भी दिया. सियासत कहिए या फिर संयोग, अपने विदेश दौरों में ऐसे अनेक 'डायस्पोरा कनेक्ट' के कार्यक्रम कर चुके पीएम मोदी और उनकी सरकार भी चुनाव 2019 से पहले 21 से 23 जनवरी को बनारस में व्यापक पैमाने पर प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है. कुम्भ और गणतंत्र दिवस को भी इस आयोजन से जोड़ दिया गया है.

बहरहाल, यह पहला मौका नहीं था जब राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर राजनीतिक संपर्क का आयोजन किया हो. अप्रैल 2018 में राहुल ने लंदन में भारतीय समुदाय के साथ बात की यही संवाद और सम्पर्क पर खासा ध्यान दे रहे राहुल गांधी बृहस्पतिवार को दुबई पहुंचे.

शुक्रवार को सुबह उन्होंने श्रमिक कैम्प में जाकर भारतीय मजदूरों से मुलाकात की. राहुल ने न केवल म मजदूरों से संवाद किया बल्कि कई मज़दूरों के कमरे भी देखे जहां वो अपने परिवार से दूर नौकरी के लिए रहते हैं. गर्मजोशी दिखाते हुए राहुल ने कई मजदूरों को कहा कि जब भी अपने गांव जाते वक्त दिल्ली में रुकें तो उनसे ज़रूर मिलें.

इस बीच शुक्रवार शाम क्रिकेट स्टेडियम में दिए अपने भाषण के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन दिनों भारतीय समाज को जाति,धर्म और अमीरी-गरीब पर खूब बांटा जा रहा है जो कतई 21वीं सदी के विषय नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसा भारत बनाना चाहते हैं जहां हर मज़हब और हर भारतीय के लिए बराबर जगह हो क्योंकि बंटा और बिखरा हुआ भारत कभी सफल नहीं हो सकता.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने तंज किया कि कुछ लोग कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देते हैं. लेकिन हम कभी बीजेपी मुक्त भारत की बात नहीं करेंगे. हम नफरत और बंटवारे के आधार पर ऐसी राजनीति नहीं करना चाहते जो केवल एक विचारधारा को ही सब पर थोपे.

राहुल गांधी ने यूएई के उप राष्ट्रपति और दुबई के शासक शेख मोहम्मद से हुई अपनी मुलाकात के बहाने भी तीर चलाए. राहुल ने कहा कि शेख मोहम्मद जैसे व्यक्ति की सहजता मुझे बहुत भाई जो अपने देश ही नहीं दूसरे मुल्क से आए लोगों की मेहनत को भी सम्मान देते हैं. उन्होंने मुझे बताया कि यूएई में यह सहिष्णुता है. मगर अफसोस है कि भारत मे साढ़े चार साल असहिष्णुता के नाम रहे.

करीब आधे घंटे तक अंग्रेज़ी में दिए भाषण के दौरान राहुल ने कहा कि चुनावों के बाद हमारी सरकार आई तो हम सबको साथ लेकर विकास के रास्ते पर चलना चाहेंगे. क्योंकि भारत एक ऐसा मुल्क है जिसका समाज के धर्मों की रंगत से सजा है.

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