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केरल में PM मोदी की मुख्यमंत्री विजयन के साथ बैठक, बारिश और बाढ़ के हालात पर चर्चा

तिरुअनंतपुरम। केरल की भयंकर बारिश और बाढ़ ने अबतक 324 लोगों की जान ले ली है। अकेले गुरुवार को 106 लोगों की मौत हो गई। राज्य में जलप्रलय का संकट शुक्रवार को और भी गहरा गया। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की समस्या देखी गई, तो पेट्रोल पंपों में ईंधन नहीं है। जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो रखा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल का हालचाल लेने यहां पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी केरल के स्थिति पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री विजयन के साथ बैठक कर रहे हैं।

केरल की बदहाल स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि राज्य सदी की सबसे भीषण बारिश और बाढ़ का सामना कर रहा है। बता दें कि केंद्र सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित केरल की मदद के लिए 100 करोड़ की मदद का ऐलान कर चुकी है।

NDRF का बचाव अभियान तेज
इस बीच राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के साथ ही सैनिकों ने फंसे लोगों को बचाने के लिए शुक्रवार सुबह से बचाव अभियान तेज कर दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क जाम हो रहे हैं। कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। इस बीच भारतीय नौसेना ने अपने बयान में कहा कि बेहद ही चुनौतीपूर्ण स्थितियों में कल कैप्टन पी राजकुमार (शौर्य चक्र) ने SeaKing 42B हेलीकॉप्टर की मदद से केरल में बाढ़ में फंसे 26 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

 

बचाव व राहत के लिए सेना का हेलीकॉप्टर
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गो को सेना के हेलीकॉप्टरों से निकाला जा रहा है। अलुवा, कालाडी, पेरुंबवूर, मुवाट्टुपुझा एवं चालाकुडी में फंसे लोगों को निकालने में स्थानीय मछुआरे भी अपनी-अपनी नौकाओं के साथ शामिल हुए।

अपने प्रियजनों की मदद की गुहार
ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन से प्रवासी टीवी चैनलों के माध्यम से अपने प्रियजनों की मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक महिला ने अपने छह साल के बच्चे के साथ वाट्सएप संदेश से मदद की गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर रक्षा मंत्रालय ने राहत एवं बचाव के लिए सेना के तीनों अंगों की नई टीम भेजी है।

करीब सवा दो लाख लोग बेघर
राज्य में करीब सवा दो लाख बेघर एवं विस्थापित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। एनडीआरएफ की 51 टीमें केरल भेजी गई हैं।

रेल से भेजा गया है पेयजल
रनवे पर भी पानी भर जाने से कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन बंद कर दिया गया है। 25 से अधिक ट्रेनों को रद कर दिया गया है और कुछ के समय में परिवर्तन किया गया है। दक्षिण रेलवे ने शुक्रवार को तीन विशेष ट्रेनों से प्रभावित इलाकों के लिए पेयजल भेजा है।

100 मीट्रिक टन तैयार खाने के पैकेट
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 100 मीट्रिक टन तैयार खाने के पैकेट बाढ़ प्रभावित इलाकों को भेजा है। बीमा नियामक इरडाइ ने सभी बीमा कंपनियों को दावों का तुरंत भुगतान करने के लिए विशेष शिविर लगाने को कहा है। केरल की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने शुक्रवार को भी बैठक की।

 

राज्यों से मिली मदद
बाढ़ प्रभावित केरल के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा घोषित 5 करोड़ रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से और अन्य 5 करोड़ रुपये भोजन और जरूरी सामानों के रूप में भेजा जाएगा। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात कर केरल के हालत की जानकारी ली। केजरीवाल ने केरल को 10 करोड़ देने को कहा है। इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक राशि सहयोग करें। वहीं बाढ़ से प्रभावित केरल को सहायता के रूप में तेलंगाना 25 करोड़ रुपए देगा।

कर्नाटक में भी बारिश की तबाही
कर्नाटक में भी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार भारी बारिश के चलते यहां के जनजीवन अस्‍त–व्‍यस्‍त हो गया है। गुरुवार सुबह बारिश के कारण कलबुर्गी जिले के हिथल शिरूर गांव में एक मकान धराशायी हो गया। घटना में परिवार के तीन सदस्‍यों की मौत हो गई और एक घायल हो गया है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पांच जिलों के आयुक्तों को हाई अलर्ट जारी करने का आदेश दे दिया और दक्षिण कन्नडा, हासन, चिक्का, चिकमंगलूर, कोडागू और शिवमोग्गा के जिला प्रभारी मंत्रियों को स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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