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धार कलेक्टर को पटवारी संघ ने सौपा ज्ञापन, बंधक बनाने की घटना पर आक्रोषित संघ ने नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की मांग

धार। सरदार सरोवर बांध परियोजना के डूब प्रभावित क्षेत्रों में शासकीय कार्य से संलग्न अधिकारियों/कर्मचारियों को नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा 01 अगस्त को लगभग तीन घन्टे तक बंधक बनाने की घटना पर पटवारी संघ ने आक्रोष जताते हुए नर्मदा बचाओ आन्दोलन के दोषी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की हैं। पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में अवगत कराया हैं कि नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा डूब प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत् शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को अपमानित करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने वाली घटनाएं आए दिन की जा रही है।
ज्ञापन वाचन करते हुए पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरदार सरोवर परियोजना से डूब प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास स्थलों पर आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने हेतु शासन प्रशासन के निर्देशानुसार अधिकारी/कर्मचारी युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे है, ताकि विस्थापितों को विस्थापित करने में कोई कठिनाई न हो, किन्तु नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा अधिकरियों/कर्मचारियों के साथ आए दिन की जा रही घटनाओं के कारण शासकीय कार्य करने में कठिनाई हो रही है तथा उनका मनोबल टूट रहा है। पटवारी संघ ने वाचन के दौरान बताया कि अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ऐसी अनेक घटनाएं हो चुकी है। जिनमें गत 21 जून को डूब प्रभावित ग्राम चिखल्दा में वचन-पत्र भरवाने के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कुक्षी के दल के साथ नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा झूमा-झटकी एवं धक्का-मुक्की की गई। ग्रामीण महिलाओं के द्वारा चूड़ियां पहनाने जैसा शर्मनाक प्रयास किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत कड़माल में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के दल के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा दल के एक सदस्य को नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरदस्ती चूड़ियां पहनाई गई।
ऐसी ही एक अन्य घटना जनपद पंचायत निसरपुर के कार्यालय में डूब प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित ग्रामों की सर्वे सूची बनाए जाने के दौरान नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा नायब तहसीलदार वृत्त निसरपुर रामअवतार ओझा व उपयंत्री मोहरसिंह पहलाया के साथ की गई, जिसमें अधिकारियों के साथ दुव्र्यवहार करने व सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की घटनाएं कारित की गई। इसी प्रकार 01 अगस्त को ग्राम बटगांव में डूब प्रभावित व्यक्तियों की सर्वे सूची का सत्यापन करवाकर भूखण्ड विहिन परिवारों को बसाहट स्थलों पर भूखण्ड वितरण करने की कार्यवाही के दौरान नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षण व पटवारीगणों को नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा चारो और से घेरकर बंधक बनाया गया तथा लगभग 1.5 किलोमीटर दूर पैदल-पैदल ग्राम चिखल्दा में लेजाकर सुश्री मेधा पाटकर के समक्ष पेश किया गया तथा अनावष्यक रूप से सवाल-जवाब किए गए। इसी के साथ 01 अगस्त को ही नर्मदा बचाओ आन्दोलन कार्यकर्ताओं द्वारा जिला सैनानी धार एवं एनडीआरएफ के दल को अपने कार्य स्थल से बुलाकर नर्मदा बचाओ आन्दोलन के अनषन स्थल ग्राम चिखल्दा में ले जाकर तीन घन्टे तक बंधक बनाकर रखा गया और सुश्री मेधा पाटकर के समक्ष खड़ा किया गया।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर श्रीमन् शुक्ला को ज्ञापन सौपते हुए अनुरोध किया कि आए दिन नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा शासकीय कार्य के दौरान अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ सार्वजनिक रूप से अपमान करने, अभद्रता व दुव्र्यवहार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए नर्मदा बचाओ आन्दोलन के कार्यकर्ताओं के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि सरदार सरोवर बांध परियोजना में विस्थापितों के पुनर्वास कार्य में संलग्न अधिकारियों/कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और अधिकारी/कर्मचारी उक्त दुरूह कार्य को शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार तत्परता से संपादित कर सके।