Follow us:

धार क्राईम ब्रांच ने जमानत से फरार चल रहे आरोपी को किया गिरफ्तार, नाम पता व हुलिया बदलकर रह रहा था आरोपी, हत्या का है प्रकरण दर्ज

धार जिले में स्थाई व फरारी, ईनामी वारंटियों को पकड़ने हेतु पुलिस अधीक्षक जिला धार बीरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार डॉ. रायसिंह नरवरिया एवं सचिन शर्मा तथा क्राईम ब्रांच धार प्रभारी संतोष पाण्डेय को उचित निर्देश दिया जाकर प्रभावी कार्यवाही हेतु लगाया गया था।

क्राईम ब्रांच धार को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि हत्या के प्रकरण में जमानत से फरार आरोपी सोनू सरदार उर्फ जसपाल सिंह पिता इकबाल सिंह सिख निवासी रासमण्डल धार करोल बाग कालोनी, अरविंदों अस्पताल के सामने जिला इन्दौर में नाम पता व हुलिया बदलकर रह रहा है, जो आज किसी काम से अपने परिवार के साथ धार बस स्टेण्ड के पास देखा गया है।

जमानत पर रिहा

थाना कोतवाली धार के अपराध क्रमांक 442/94 धारा 302 भादवि एवं अपर सत्र न्यायालय धार के सत्र प्रकरण क्रमांक 366/94 में फरार अपराधी सोनू सरदार उर्फ जसपाल सिंह पिता इकबाल सिंह सिख निवासी रासमण्डल धार को दिनांक 30.08.97 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर द्वारा आपराधिक अपील क्रमांक 798/1997 में आदेश पारित कर आदेश दिनांक 05.11.1997 द्वारा जमानत का आदेश प्रदान किया गया, जिसके पालन में 06.11.1997 को आरोपी सोनू सरदार उर्फ जसपाल सिंह पिता इकबाल सिंह सिख निवासी रासमण्डल धार को जमानत पर रिहा किया गया।

5 हजार का इनाम घोषित

आरोपी सोनू द्वारा माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्ड पीठ इन्दौर में अपील की गई थी, अपील में सजा यथावत रखी गई एवं अपील निरस्त कर दी गई थी। अपील निरस्त होने की दशा में आरोपी सोनू को न्यायालय में उपस्थित होना था किन्तु वह उपस्थित नही हुआ। तब से ही सोनू फरार था। अपर सत्र न्यायाधीश धार द्वारा आरोपी सोनू सरदार को दिनांक 09.12.2009 को फरार घोषित किया जाकर बेमियादी स्थायी गिरफ्तारी जारी किया जाकर टीप लगाई गई कि आरोपी सोनू सरदार की फाईल प्रत्येक छह बाद पीठासीन अधिकारी के समक्ष तब तक प्रस्तुत होती रही, जब तक की आरोपी सोनू सरदार की गिरफ्तारी सुनिश्चित न हो सके। तदोपरांत तत्कालिक धार पुलिस अधीक्षक श्री भगवत सिंह चैहान की उद्घोषणा क्रमांक/पुअ/डीसीबी/धार/682/14 दिनांक 20.06.2014 द्वारा आरोपी सोनू सरदार को 5,000/- रूपये का ईनामी बदमाश घोषित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्देश दिए जाकर आरोपी की गिरफ्तारी के हर संभव प्रयास किये गये थे, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी संभव नही हो सकी थी। जिसका धार पुलिस पर बहुत दबाव था। एवं न्यायालय में प्रत्येक माह की 30 तारीख को आरोपी को ढूढनें में थाना प्रभारी द्वारा क्या प्रयास किया गया है? साक्ष्य सहित प्रस्तुत करना पड़ रहा था।

न्यायालय में पेश किया 

आज दिनांक को मुखबिर की सूचना प्राप्त हुई की आरोपी सोनू सरदार उर्फ जसपाल सिंह पिता इकबाल सिंह सिख निवासी रासमण्डल धार का काफी शातिर बुद्धि का होकर अपना नाम पता व हुलिया बदलकर इन्दौर में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ करोल बाग कालोनी इन्दौर में फरारी काट रहा है, जो किसी काम से अपने परिवार के साथ धार आया हुआ है। सूचना पर से क्राईम ब्रांच एवं थाना कोतवाली धार की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी को बस स्टेण्ड धार के पास अपनी पत्नी रेखा अरोरा के साथ दिखा, जिसपर से सोनू सरदार को पकड़कर थाना कोतवाली धार लाया गया, जहा पूछताछ पर आरोपी सोनू ने बताया कि जबसे मुझे सजा हुई है, तब से उज्जैन व इन्दौर में रहकर फरारी काटी है। एवं आनंद पिता कुलदीप अरोरा के नाम से अपनी पहचान बना ली है, तथा इसी नाम से दस्तावेज बना लिए है, ताकि उसकी गिरफ्तारी न हो सके। आरोपी सोनू को पूर्व से पहचानने वाले पंचो के समक्ष, परिजन के समक्ष पहचान पंचनामा बनाकर उपरोक्त फरार अपराध में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

इनकी रही विशेष भूमिका 

आरोपियों को पकड़ने में क्राईम ब्रांच धार टीम में पदस्थ सउनि धीरज सिंह राठौर, प्र. आर. रामसिंह गौड़, चंचलसिंह चौहान, संजय राव, आर. राजेश सिंह चौहान, बलराम भंवर, राहुल जायसवाल, सलीम, सुनेर एवं थाना प्रभारी कोतवाली धार सुबोध श्रोत्रिय, उनि बी.पी. तिवारी, समीर पाटीदार महत्वपूर्ण भूमिका रही है।