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धार जिला प्रशासन का कहना- सुश्री मेघा पाटेकर सहित 5 अन्य को अस्पताल में स्वास्थ्य उपचार हेतु ले जाया गया, स्थिति पूर्णतः नियत्रंण में

धार। जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को नर्मदा बचाओं आदोलन की प्रमुख सुश्री मेधा पाटकर सहित 5 महिलाएं व 1 पुरूष कुल 6 व्यक्तियों को स्वास्थ्य उपचार हेतु एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया गया। महिलाओंं में सुश्री मेधा पाटकर के अलावा 4 अन्य महिला पुष्पा बाई निसरपुर, गायत्री बाई कड़माल, बिमलाबाई, मंजुला कड़माल शामिल है इसके अलावा स्वास्थ्य उपचार हेतु 1 पुरूष धर्मेन्द्र कड़माल को भी ले जाया गया हैै।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला धार आरसी पनिका द्वारा सुश्री मेधा पाटकर के संबंध में दिनंाक 6 अगस्त 2017 को इस आशय की स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट जिला प्रषासन को प्रस्तुत की थी कि सुश्री पाटकर की स्वास्थ्य जंाच में सीवियर कीटोसिस प्राप्त हुई है एवं उनका स्वास्थ्य गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य जंाच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की सलाह पर कलेक्टर श्रीमन् शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक बीरेन्द्र कुमार सिंह अगले दिन ही दिनंाक 7 अगस्त 2017 को प्रातः 9 बजे सुश्री मेधा पाटकर ग्राम चिखल्दा अनशन स्थल पर पहंुचे। वहंा पर सुश्री मेधा पाटकर से उनके गंभीर स्वास्थ्य को देखते हुए, अनशन समाप्त करने एवं स्वास्थ्य उपचार लेने हेतु सविनय आग्रह किया। इसके अतिरिक्त आंदोलनकर्ताओं से भी अनुरोध किया कि वे सुश्री मेधा पाटकर की गंभीर स्थिति को देखते हुए, उनका अनषन समाप्त कराने में सहयोग प्रदान करें, किन्तु अंादोलनकर्ताओं एवं सुश्री मेधा पाटकर द्वारा निवेदन को अस्वीकार कर दिया गया।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा 7 अगस्त को ही प्रातः11.30 बजे पुनः अनशन स्थल पर पहुंच कर आंदोलनकारियों से संवाद किया गया तथा अवगत कराया गया कि आगामी दिनों में एक उच्च स्तरीय दल के साथ नर्मदा बचाओ आंदोलनकारियों के साथ बैठक भी नियत होगी, जिसमें उनकी मंागों के संबंध में उचित एवं सकारात्मक निर्णय लिये जावेंगे, किन्तु उक्त बैठक के पूर्व सुश्री मेधा पाटकर की स्वास्थ्यगत स्थिति गंभीर होने के कारण वे उनका अनशन समाप्त कराने में सहयोग प्रदान करें। अंादोलनकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वे एक-दो घण्टे में नर्मदा बचाओ अंादोलन के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर, अपने निर्णय से अवगत करावेंगे किन्तु उनके द्वारा इस संबंध में कोई सहयोग नहीं किया गया और न ही उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया।
विदित है कि डाॅक्टरों द्वारा उनकी गिरती सेहत के कारण स्वास्थ्य उपचार हेतु सलाह दी जा रही थी। सुश्री पाटकर को उपचार हेतु इन्दौर में बाम्बे हास्पिटल ले जाया गया है वहीं 5 अन्य लोगों को भोज जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु ले जाया गया है जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि सतत् उपवास से गिरती सेहत के कारण उक्त सभी व्यक्तियों को स्वास्थ्य उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया है ताकि अस्पताल में उन्हे उचित उपचार दिया जा सके।
यह भी स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन द्वारा सुश्री मेधा पाटकर व अन्य को अस्पताल ले जाने के दौरान किसी भी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया। इस कार्यवाही के दौरान कुछ लोगों के द्वारा झूमाझटकी व धक्कामुक्की की गई, किन्तु पुलिस द्वारा हरसंभव शालीनता का व्यवहार किया गया। इस दौरान कानून व व्यवस्था की स्थिति जिला प्रशासन के पूर्णतः नियत्रंण में रही।