Follow us:

धार जिले में कक्षाओं में विद्यार्थियों को रोटेशन से बैठाए जाने के निर्देश, पठन-पाठन में बच्चों की सहभागिता में बढ़ावा मिलेगा- जिला शिक्षा अधिकारी

धार। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा ने सभी प्राचार्य शासकीय हाईस्कूल/उमावि को निर्देशित किया है कि वे अपने विकासखण्ड में संचालित विद्यालयों की कक्षाओं में सुनिश्चित करावे कि सारे विद्यार्थियों को समान रूप से अग्रिम पंक्ति में बैठने का अवसर प्राप्त करें। विशेष रूप से जो औसत दर्ज के विद्यार्थी है, उनके प्रति विशेष ध्यान एवं सजग रहते हुए उन्हें अग्रिम पंक्तियों में बिठाया जा सके। सभी विद्यार्थियों को रोटेशन से अग्रिम पंक्तियों में यह व्यवस्था इस प्रकार बनाई जावे कि जो बच्चे किसी दिन पहली पंक्ति में है, वे अगले दिन दुसरी में एवं अगले दिन तिसरी में तथा अगले दिन चौथी पंक्ति में बिठाएं और पिछले वाले बच्चे क्रमश पहली, दुसरी, तिसरी और चौथी पंक्ति में बिठाए।
उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि उक्त व्यवस्था का पालन सभी विद्यालयों षासकीय/अषासकीय माध्यमिक षिक्षा मण्डल/सी.बी.एस.ई./या अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में सभी स्तर की कक्षाओं में सुनिश्चित किया जावे तथा पालन प्रतिवेदन भिजवाने सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि लोक शिक्षण भोपाल के माध्यम से अवगत कराया गया है कि विद्यालयों में औसत से बेहतर समझ रखने वाले विद्यार्थी सबसे पहली पंक्ति में बैठते है और औसत विद्यार्थी पिछली पंक्ति में बैठते है। यह स्वाभाविक मनोविज्ञान है। विद्यालय की कक्षाओं में लगातार पिछली पंक्ति में बैठने का परिणाम यह होता है कि शिक्षक की पूरी नजर उन विद्यार्थियों पर नही होती है और पीछे बैठने की प्रक्रिया में पिछली पंक्ति पर बैठने वाले बच्चे की सहभागिता उपेक्षाकृत बहुत ही कम हो जाती है, जबकि सामने की पंक्ति में बैठने वाले विद्यार्थी सीधे शिक्षक की नजर में रहते है, इसलिए वे विद्यार्थी निरंतर सजग रहते और और शिक्षक की नजर में भी बने रहते है। इस संबंध में यह अनुभव किया गया है कि जो बच्चे औसत श्रेणी के है, उन्हे भी आवश्यक रूप से अग्रिम पंक्ति में बिठाया जाए और पठन-पाठन में उनकी सहभागिता को बढ़ाया जाए।