Follow us:

धार जिला प्रशासन ने शराब दुकानों पर लगाए सूचना बोर्ड, बच्चों को बैची शराब तो होगी 7 साल की सजा

धार। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 एवं समेकित बाल संरक्षण योजना का संचालन किया जा रहा है। जिला महिला सशक्तिकरण अधिकरारी भारती डांगी ने बताया कि अधिनियम एवं योजना के अनुसार देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को संरक्षण, भरण-पोषण, शिक्षण प्रदान किया जाता है। अक्सर देखने में आता है कि एल्कोहल, तम्बाकु उत्पाद बनाने वाले उद्योगों एवं फुटकर विक्रेताओं लारा 0-18 वर्ष तक के बच्चों का उपयोग ऐसे उत्पादों की बिक्री हेतु किया जाता है। जिससे ये बच्चें भी नशे की लत के शिकार हो जाते है। अधिनियम 2015 की धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों को नशीली वस्तुओं के विक्रय अथवा ऐसी वस्तुओं के आवागमन हेतु प्रयोग किये जाने पर 7 वर्ष तक की सजा एवं सजा के प्रावधान है। 0-18 वर्ष के बच्चों को मादक पदार्थों विशेषकर अल्कोहल के आगमन में उपयोेग पर प्रतिबंध लगाने एवं बच्चों को नशीली वस्तुओं के विक्रय न किये जाने हेतु जिला प्रशसन द्वारा जिले में संचलित शराब विक्रेताओं की दुकानों में बच्चों को शराब का विक्रय निषेध की सूचना लगवाई गई है।

Related News