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धार जिपं सीईओ ने 25 सचिव, सहायक सचिव एवं सरपंचों को कारण बताओ नोटिस किया जारी, मामला शासकीय योजनाओं में लापरवाही बरतने एवं रूचि नही लेने का मामला

धार। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आरके चौधरी ने शासन की विभिन्न योजनाओं में घार लापरवाही बरतने, वित्तीय अनियमितता करने तथा शासन की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं में रूचि नही लेने के कारण जिले के 25 सचिव, सहायक सचिव एवं सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। 

जिन सचिव, सहायक सचिव एवं सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है, इनमें जनपद पंचायत डही की ग्राम पंचायत फिफेडा के सचिव इन्दरसिंह जमरा, तत्कालीन सरपंच जयमाला पति जगतसिंह, ग्राम रोजगार सहायक राजीव भिडे, जनपद पंचायत सरदारपुर की ग्राम पंचायत बडोदिया के तत्कालीन सचिव श्‍ैलेन्द्र तिवारी, बदनावर की ग्राम पंचायत बामन्दा के सचिव मुकेश निगम, सरपंच मोहन कोली, सिलोदाखुर्द के सचिव जुवारसिंह मालवीय, सरपंच मीराबाई-शांतिलाल, मनावर की ग्राम पंचायत गणपुर के सचिव सहायक सचिव ममता पति राधेश्याम गोयल, सरपंच रणसिंह, धरमपुरी की ग्राम पंचायत उतावली के सरपंच रूपेन्द्रसिंह पिता केसरसिंह, गंधवानी की ग्राम पंचायत अवल्दामान की सरपंच खमाबाई पति प्रताप को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है।
इसी प्रकार जनपद पंचायत धरमपुरी की ग्राम पंचायत कोठिदा के निलंबित सचिव श्री देवीसिंह औसारी, सरदारपुर की ग्राम पंचायत बडोदिया के तत्कालीन सरपंच गजेन्द्र भूरिया, तत्कालीन सचिव निलेश पाटीदार, सरपंच श्रीमती जमुनाबाई, धरमपुरी की ग्राम पंचायत पिपलाज की सरपंच लीलाबाई पति मुकुटसिंह, तत्कालीन सचिव मनोज शार्मा, पटलावद के सचिव कन्हैयालाल परमार, मोरगढ़ी के सचिव कालुसिंह भवेल, उतावली के सचिव ओमप्रकाश राठौर, मनोज शर्मा शामिल है। उक्त सचिव/ग्राम रोजगार सहायक/सहायक सचिव व सरपंचों को अपना प्रतिउत्तर समक्ष में उपस्थित होकर समयावधि में देने के लिए निर्देशित किया है। प्रतिउत्तर प्रस्तुत न करने की दशा में एकपक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।