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Honey Trap : महिलाओं ने कबूले रसूखदार नेताओं और अफसरों से रिश्ते

इंदौर। नगर निगम के इंजीनियर को हनीट्रैप में फंसाकर तीन करोड़ रुपए की मांग करने के मामले में पकड़ी गई महिलाओं ने पूछताछ में रसूखदार नेताओं सहित प्रशासनिक अफसरों को भी इसी तरह शिकार बनाना कबूला है। गिरफ्तार एनजीओ संचालिका ने आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे। वह सरकारी विभागों में सेंध लगाकर लाखों रुपए का अनुदान और ठेके लेती थी।

पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कारें व 14 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं। एसपी (पूर्वी) मो. युसूफ कुरैशी के अनुसार, निगम इंजीनियर हरभजन सिंह पिता बख्तावर सिंह निवासी गुलमर्ग वैली गुलमोहर कॉलोनी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ महिलाएं ब्लैकमेल कर तीन करोड़ रुपए की मांग कर रही हैं।

सिंह ने पहली किश्त देने के लिए ब्लैकमेल करने वाली गिरोह की सदस्य को इंदौर बुलाया। जैसे ही वह राशि लेने पहुंची, पुलिस ने महिला व उसके सहायकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरती (29) पति पंकज दयाल निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल, मोनिका (18) पिता लाल यादव निवासी सवस्या नरसिंहगढ़, श्वेता (39) पति विजय जैन निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल, श्वेता (48) पति स्वप्निल जैन निवासी रेवेरा टाउनशिप भोपाल, बरखा (34) पति अमित सोनी निवासी कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल और ओमप्रकाश पिता रामहर्ष कोरी निवासी आदमपुर भोपाल को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया गिरोह की मास्टर माइंड मूलत: सागर की श्वेता विजय जैन है।

ऐसे बुना जाल: खुफिया कैमरे व मोबाइल से होटल में बनाया वीडिया

आरोपित आरती ने विजयनगर क्षेत्र की होटल में हरभजनसिंह का आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। श्वेता जैन ने आरती व हरभजन को मिलवाया। वे वाट्सएप चैटिंग करने लगे और फिर मिलना तय किया। मुलाकात के दिन आरती दो घंटे पहले होटल पहुंची और मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर छुपा दिया। फिर वीडियो भेजकर तीन करोड़ रुपए मांगे।

रुपए लेने बुलाया और पुलिस को खबर कर दी

हरभजन और आरती की भोपाल में बैठक हुई। मंगलवार को आरती को 50 लाख रुपए की पहली किस्त लेने के लिए इंदौर बुलाया और पुलिस को खबर कर दी। आरती गिरोह की सदस्य मोनिका व चालक ओमप्रकाश के साथ जैसे ही सत्यसाईं चौराहे पर पहुंची, क्राइम ब्रांच ने पकड़ लिया। पूछताछ में आरती ने बताया, पर्दे के पीछे श्वेता जैन और बरखा सोनी का हाथ ह

छुट्टी पर गए हरभजन

नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह बुधवार से तीन दिन के अवकाश पर चले गए हैं। गुरुवार को वे दफ्तर नहीं पहुंचे। मोबाइल भी बंद था। वे अमृत योजना के जल प्रदाय विभाग में अधीक्षण यंत्री पद पर कार्यरत हैं इधर, हरभजन बोले- कुछ नहीं कहना मैंने पुलिस से शिकायत कर दी है। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना है।

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