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Google, इंटेल और क्वालकॉम ने हुवावे के साथ तोड़ी साझेदारी, अब कंपनी नहीं कर पाएगी एंड्रॉयड का इस्तेमाल

नई दिल्ली। अल्फाबेट इंक गूगल ने अपने बिजनेस को हुवावे के साथ पूरी तरह से खत्म कर दिया है इसमें ट्रांस्फर ऑफ हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और टेक्निकल सर्विस शामिल हैं. चीनी कंपनी को रविवार को उस वक्त झटका लगा जब अमेरिकी सरकार ने उसे पूरी दुनिया में ब्लैकलिस्ट कर दिया.

गूगल के प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग अभी हुवावे के फोन में गूगल मैप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं वो गूगल की तरफ से एप को डाउनलोड और उसके अपडेट्स का इस्तेमाल कर पाएंगे. फिलहाल हम इन सभी चीजों का पालन कर रहे हैं.


वहीं उन्होंने आगे कहा कि पहले से मौजूद हुवावे के डिवाइस में गूगल प्ले और सिक्योरिटी प्रोटेक्शन चल पाएगा. बता दें चीन के बाहर कंपनी का जितना व्यापार है वो गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के एक्सेस को खो देगा. वहीं जो फोन अभी एंड्रॉयड पर चल रहे हैं जहां यूजर्स को गूगल प्ले स्टोर और जीमेल, यूट्यूब का एक्सेस है वो भी खो देंगे.

बता दें कि इन सबके बाद हुवावे सिर्फ एंड्रॉयड का पब्लिक वर्जन ही इस्तेमाल कर पाएगा तो वहीं गूगल की तरफ से ये कोई भी एप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा.

दरअसल हर जगह विवाद ये है कि हुवावे अपने 5जी सर्विस की मदद से लोगों पर निगरानी रख रहा है जहां कंपनी ने हमेशा से ही इस बात का खंडन किया है. बता दें कि हुवावे को इस बात का अंदाजा पहले ही लग चुका था जब ये विवाद उठना शुरू हुआ था. उसी दौरान कंपनी ने अपना OS डेवलप करना शुरू कर दिया था. इसको देखते हुए ये कहा जा सकता है कि चीनी यूजर्स पर इसका ज्यादा असर नहीं हो पाएगा क्योंकि वहां पहले से ही गूगल एप्स बैन हैं