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ICC Champions Trophy Final: इन 5 वजहों से भारत को मिली करारी हार

लंदन। ICC चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से हराकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। भारत के मुकाबले कमजोर मानी जा रही पाकिस्तानी टीम ने अपने प्रतिद्वंदी को खेल के हर विभाग में पीछे छोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की। भारतीय गेंदबाजी हो, फील्डिंग हो या फिर बल्लेबाजी, हर विभाग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मुकाबले उन्नीस ही नजर आए। आइए, नजर डालते हैं उन 5 कारणों पर जिनकी वजह से भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ इस अहम मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा:

1: बुमराह की ‘नो बॉल’
पाकिस्तान जब बैटिंग कर रहा था तो जसप्रीत बुमराह की गेंद पर फखर जमां ने महेंद्र सिंह धोनी को कैच दे दिया। हालांकि बाद में यह गेंद 'नो बॉल' निकली। यह पाकिस्तानी पारी का सिर्फ चौथा ओवर था और उस समय फखर सिर्फ 3 रन बनाकर खेल रहे थे। पाकिस्तान का कुल स्कोर 7 रन था। बाद में फखर ने शानदार पारी खेलते हुए 114 रन बनाए। यदि वह 'नो बॉल' नहीं हुई होती तो पाकिस्तान का स्कोर कुछ और ही रहा होता।

2: भारत ने सिर्फ 4 गेंदबाजों को खिलाया
अभी तक भारत की चार गेंदबाजों को खिलाने की रणनीति कामयाब होती नजर आ रही थी। श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम की यह कमजोरी सामने आई थी जब विपक्षी टीम ने 300 से भी ज्यादा का स्कोर चेज कर लिया था, लेकिन अन्य मैचों में मिली सफलता की वजह से इस तरफ शायद कैप्टन विराट का ध्यान नहीं गया। द ओवल की पिच पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी की इस कमजोरी का फायदा उठाते हुए जमकर रन बटोरे।

3: भुवनेश्वर को छोड़कर बाकी गेंदबाज रहे फ्लॉप
इस मैच में भुवनेश्वर कुमार को छोड़ दिया जाए तो कोई भी अन्य भारतीय गेंदबाज प्रभावित करने में नाकामयाब रहा। भुवनेश्वर ने जहां 10 ओवर में सिर्फ 44 रन देकर एक विकेट हासिल किया वहीं बाकी के गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए। रविंद्र जडेजा ने जहां 8 ओवर में 67 रन लुटा दिए वहीं रविचंद्रन अश्विन ने 10 ओवर में 70 रन दिए, और इन दोनों ही गेंदबाजों को कोई विकेट हासिल नहीं हुआ। हार्दिक पांड्या ने 10 ओवर में 53 रन देकर एक विकेट लिया और भुवनेश्वर के अलावा उन्होंने ही कुछ ठीक-ठाक गेंदबाजी की।

4: अश्विन-जडेजा के पिटने के बावजूद जाधव को देर से लाना
रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जाडेजा की गेंदों को पाकिस्तानी गेंदबाज लगातार पीट रहे थे, लेकिन फिर भी कोहली ने उनसे गेंदबाजी कराना जारी रखा। इसका नतीजा यह हुआ कि इन दोनों ने मिलकर 18 ओवर में 137 रन लुटा दिए और कोई विकेट भी हासिल न कर सके। जाधव को काफी देर से लाया गया और वह भी महंगे साबित हुए, लेकिन एक विकेट लेने में कामयाब भी रहे। जाधव ने 3 ओवर में 27 रन दिए। यदि जाधव को पहले लाया जाता तो हो सकता था कि भारत को जल्दी कामयाबी मिल जाती।

5: अच्छी शुरुआत पाने में नाकामी
भारत इस मैच में अच्छी शुरुआत पाने में नाकाम रहा। पहले ओवर की तीसरी ही गेंद पर रोहित शर्मा अपने और अपनी टीम के स्कोर में बगैर कोई रन जोड़े ही चलते बने। 14वें ओवर तक 54 के कुल स्कोर पर भारत की आधी टीम वापस पवेलियन में जा चुकी थी। भारत को एक अच्छी शुरुआत मिली होती तो भारतीय टीम की बल्लेबाजी में इतनी गहराई थी कि वह 300 से ज्यादा के स्कोर को भी चेज कर सकती थी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और भारत को करारी हार मिली।