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ट्रैवल इंश्योरेंस का लाभ लेना चाहते हैं तो पढ़ें ये खबर, इस तरह ही बुक कराए अपना टिकट

हमारे देश में रोजाना हजारों-लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। कई बार किसी अप्रिया घटना या ट्रेन हादसों की वजह से लोगों को अपनी जान गवानी पड़ती हैं, वहीं कुछ लोगों को जीवन भर की विकलांगता भी झेलनी पड़ती है। ऐसे में भारतीय रेलवे (IRCTC) ने यात्रियों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम लॉन्च की है, जो यात्रियों को 10 लाख रुपए तक का बीमा देगी। बता दें कि, रोजाना लाखों रेल मुसाफिर IRCTC की वेबसाइट irctc.co.in का इस्तेमाल करके ट्रेन टिकट ऑनलाइन बुक करते हैं।

पहले आईआरसीटीसी अपने यात्रियों को मुफ्त यात्रा बीमा प्रदान करता था। हालांकि, पिछले साल से रेलवे ने इस सेवा को वैकल्पिक कर दिया है। अब आईआरसीटीसी यूजर्स को टिकट बुकिंग पर 0.92 रुपये प्रति दर से ट्रैवल इंश्योरेंस का चयन करने का विकल्प दे रहा है। इस योजना में धारा 124 और 124A के साथ धारा 123 के तहत पीड़ित / परिवार या पीड़ित के कानूनी उत्तराधिकारी को बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। रेलवे अधिनियम, 1989 के अधीन इस योजना में मुसाफिरों का मूल प्रस्थान से लेकर गंतव्य स्टेशन तक पहुंचने का समय शामिल है।


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1. यह वैकल्पिक बीमा योजना केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए लागू है, जो आईआरसीटीसी वेबसाइट या इसके मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना ई-टिकट बुक करते हैं।


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-मैन्युअल रूप से संचालित रेलवे आरक्षण काउंटरों के माध्यम से आरक्षित टिकट बुक करने वाले और अनारक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री इस बीमा योजना का लाभ पाने के हकदार नहीं हैं।

2. यदि कोई यात्री बीमा का विकल्प चुनता है, तो बीमाधारक और बीमा कंपनी के बीच यह निमय लागू होता है।


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3. बीमा योजना सभी आरक्षित वर्गों (SL, 1AC, 2AC, 3AC) के सभी यात्रियों के लिए उपलब्ध है।

4. पीड़ित या परिवार को दी जाने वाली राशि इस प्रकार है-


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-मृत्यु के मामले में- 10 लाख रुपए

- स्थायी विकलांगता के मामले में - 10 लाख रुपए

- स्थायी आंशिक विकलांगता के मामले में-7.5 लाख रुपए

- इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती खर्च - 2 लाख रुपए

5. बीमा पॉलिसी का विकल्प चुनने पर ग्राहक को एसएमएस और ईमेल आईडी पर पॉलिसी की जानकारी मिल जाएगी। मेल पर दिए लिंक के आधार पर अपना बीमा फॉर्म भर सकते हैं। इसके साथ ही पॉलिसी नंबर को आईआरसीटीसी के पेज और टिकट बुक हिस्ट्री में भी देखा जा सकता है।

6. टिकट की बुकिंग के बाद नामांकन विवरण संबंधित बीमा कंपनी की वेबसाइट पर भरा जाना चाहिए। आईआरसीटीसी के अनुसार, यदि नामांकन विवरण नहीं भरा जाता है, तो कानूनी रूप से क्लेम लेने में दिक्कत आ सकती है।

7. किसी कारणवश यदि यात्री संबंधित ट्रेन से यात्रा करने से इनकार करता है और रेलवे यात्री के लिए किसी अल्टरनेट साधन की व्यवस्था करता है, तो यात्री की यात्रा का यह हिस्सा भी पॉलिसी के अंतर्गत ही आता है।

8. किसी भी कारण से यदि ट्रेन को डायवर्ट किया जाता है, तो यह पॉलिसी डायवर्ट रूट पर भी लागू होगी।

9. यात्रियों द्वारा प्रीमियम का भुगतान करने के बाद इसे किसी भी प्रकार के रद्द करने की अनुमति नहीं होती है, चाहे आपका टिकट वेटिंग में ही क्यों ना हो।

10. वैकल्पिक यात्रा बीमा आईआरसीटीसी पोर्टल के अनुसार पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रदान नहीं किया गया है।