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निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह के खालिस्तान एंगल की छानबीन में लगी जांच एजेंसियां

जम्मू। जांच एजेन्सियां अब जम्मू कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह के खालिस्तान एंगल की छानबीन में लगी है. सूत्रों की माने तो पंजाब कश्मीरी आतंकियों के लिए शेल्टर होम बनता जा रहा है और पिछले कई सालों से कश्मीर में सक्रिय कई आतंकी सरगनाओं को पंजाब में देखा गया है. जम्मू कश्मीर में आतंकियों के मददगार डीएसपी देविंदर सिंह से पूछताछ जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे इस मामले में नए खुलासे हो रहे है.

पूछताछ में अब जांच एजेंसियां नवंबर 2018 के उस मामले की भी जांच को देविंदर सिंह से जोड़ कर देख रही है, जब हिज़्बुल मुजाहिदीन से किनारा कर अल-क़ायदा की एक और आतंकी शाखा अंसार गज़वात-उल-हिन्द के मुखिया ज़ाकिर मूसा को पंजाब के अमृतसर में देखा जाने के बाद अलर्ट घोषित कर दिया गया था. सूत्रों की मानें तो इस घटना के बाद ही देविंदर सिंह दो अन्य हिज़्बुल आतंकियो को पंजाब लेकर जा रहा था.

जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी कुलदीप खुड्डा फिलहाल देविंदर सिंह के खालिस्तान कनेक्शन को जांच का विषय मान रहे है, लेकिन इतना दावा ज़रूर कर रहे है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में खालिस्तान को पुनर्जीवित करना चाहता है. उन्होंने कहा कि इस बारे में पुलिस के पास काफी सुबूत है और पंजाब में कुछ हमले भी हुए है. उनके मुताबिक आईएसआई पिछले तीन साल से खालिस्तान आतंकवाद को हवा देने में लगी हुई है.

जम्मू कश्मीर में आतंक विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी कुलदीप खुड्डा मानते है कि आईएसआई पंजाब में आतंकवादियों के लिए शेल्टर होम भी तैयार किया है, जिसके लिए पंजाब में मौजूद खालिस्तान समर्थक आतंकियों को सक्रिय किया है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने पंजाब में आतंकवाद को हवा देने के लिए ड्रोन से भी हथियार और गोला बारूद भेज रहा है. उनके मुताबिक ड्रोन से पाकिस्तान नशे की खेप भी भेजता है ताकि उससे की गयी कमाई को आतंकवाद में इस्तेमाल किया जा सके.

सूत्रों ने माने तो आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान में सक्रिय कई आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकियों का समन्वय खालिस्तानी समर्थक आतंकियों से बिठाने का काम कर रहे है. सूत्र यह भी बताते है कि कश्मीर में जारी ऑपरेशन ऑल आउट और आतंकियों के खिलाफ सक्रिय ऑपरेशन्स के चलते सभी आतंकी संगठनो के मुखियाओं का कश्मीर में छिपना मुश्किल हो गया है और यही वजह है कि आईएसआई अब इन आतंकी सरगनाओं को पंजाब में छिपा रही है.

जानकार मानते हैं कि जम्मू कश्मीर और पंजाब के आतंकियों को जोड़ कर हालात ख़राब करने की आईएसआई की इस साजिश से अगर निपटना है तो इसके खिलाफ आंतरिक और बाहरी स्तर पर सक्रिय कार्यवाही की ज़रुरत है.

 

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