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बनने से पहले ही जियो इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट का दर्जा, केजरीवाल बोले- अंबानी की जेब में है मोदी सरकार

नई दिल्ली। जियो इंस्टीट्यूट ऑफ रिलायंस फाउंडेशन को उत्कृष्ट संस्थानों की लिस्ट में डालने पर केंद्र सरकार के फैसले पर विवाद बढ़ता जा रहा है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा का ट्वीट रिट्वीट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. केजरीवाल ने कहा है कि मोदी सरकार अंबानी की जेब में है.

केजरीवाल ने क्या ट्वीट किया है?

सीएम केजरीवाल ने ट्वीट किया है. ‘’पहले कांग्रेस सरकार अंबानी की जेब में थी, अब मोदी सरकार की, कुछ बदला क्या?’’

Arvind Kejriwal
@ArvindKejriwal
पहले कोंग्रेस सरकार अम्बानी की जेब में थी, अब मोदी सरकार अम्बानी की जेब में है। कुछ भी बदला क्या?
Yashwant Sinha
@YashwantSinha
Jio Institute has not even been set up. It is not in existence. Yet govt grants it eminence tag. That is the importance of being M Ambani.
8:55 AM - Jul 11, 2018
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यशवंत सिन्हा ने क्या ट्वीट किया है?

यशवंत सिन्हा ने एक ट्वीट में कहा था, 'जियो इंस्टीट्यू की अभी स्थापना नहीं हुई है. उसका अस्तित्व नहीं है. फिर भी सरकार ने उसे एमिनेंट टैग दे दिया. ये मुकेश अंबानी होने का महत्व है.'

@YashwantSinha
Jio Institute has not even been set up. It is not in existence. Yet govt grants it eminence tag. That is the importance of being M Ambani.
8:50 AM - Jul 10, 2018
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क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) की तरफ से छह इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) का दर्जा दिया गया है. इन छह इंस्टीट्यूट में जियो इंस्टीट्यूट ऑफ रिलायंस फाउंडेशन को भी शामिल किया गया है. विपक्ष सवाल खड़ा कर रहा है कि जियो इंस्टीट्यूट अब तक बना ही नहीं है तो सरकार कैसे उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दे सकती है? इसी को लेकर लोग सोशल मीडिया पर जियो इंस्टीट्यूट को ट्रोल कर रहे हैं.

बता दें कि एचआरडी मंत्रालय ने आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बंबई और आईआईएससी बेंगलोर, मनिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, बिट्स पिलानी और जियो इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देने की घोषणा की है.

विवाद के बाद मंत्रालय ने दी सफाई

तमाम विवादों के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि यूजीसी रेगुलेशन 2017, के क्लॉज 6.1 के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में बिल्कुल नए संस्थानों को भी शामिल किया जा सकता है. इसका उद्देश्य निजी संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन इंफास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए बढ़ावा देना है, ताकि देश को इसका लाभ मिल सके. मंत्रालय ने कहा कि जियो इंस्टीट्यूट को ग्रीनफील्ड कैटेगरी के तहत चुना गया है, जो कि नए संस्थानों के लिए होती है।



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