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विधानसभा चुनाव: मध्यप्रदेश, राजस्थान में वोटर लिस्ट की जांच नहीं, कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिकाएं खारिज

नई दिल्ली। राजस्थान और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को शीर्ष अदालत से झटका लगा है. मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए कांग्रेस नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया. मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने याचिका में वोटर लिस्ट की समीक्षा और लिस्ट टेक्सट फॉर्मेट में देने की मांग की थी.

वहीं राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पालयट ने भी अपनी याचिका में वोटर लिस्ट की समीक्षा की मांग की थी. दोनों नेताओं ने विधानसभा चुनाव में 10 प्रतिशत VVPAT पर्ची के EVM से मिलान की भी मांग की थी.

कमलनाथ का कहना है कि टेक्स्ट रूप में मतदाता सूची उपलब्ध होने से फर्जी मतदाताओं की पहचान की जा सकती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि वह राज्य की मतदाता सूची में करीब 60 लाख फर्जी मतदाताओं की पहचान कर चुके हैं. मतदाता सूची में भारी तादाद में फर्जी मतदाताओं के मौजूद होने के बारे में कांग्रेस ने आयोग को तीन जून को जानकारी दी थी.

आपको बता दें कि पिछले कुछ चुनावों से विपक्षी दल ईवीएम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताते रहे हैं. वहीं सरकार और चुनाव आयोग का दावा है कि ईवीएम में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है.

आपको बता दें कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है. राजस्थान में सात दिसंबर को और मध्यप्रदेश 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. चुनाव आयोग ने VVPAT से चुनाव कराने की घोषणा की है।

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