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महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए सिर्फ 36 घंटे बाकी, शिवसेना ने कहा- राष्ट्रपति शासन लगा तो जनता का अपमान होगा

नई दिल्ली। शिवसेना ने अभी भी अपने सभी विधायकों को रंगशारदा होटल में रखा है. राज्य में अब लगभग सभी मुख्य दलों ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर ली है, लेकिन अभी तक किसी भी दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. दरअसल किसी पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद नहीं है. हालांकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास 105 विधायक हैं. सरकार बनाने के लिए 146 विधायकों के समर्थन की जरुरत है। 

महाराष्ट्र बीजेपी चुनाव प्रभारी भुपेंद्र यादव महाराष्ट्र रवाना हो गए हैं. कल भुपेंद्र यादव ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी. भुपेंद्र महाराष्ट्र जाकर बीजेपी नेताओं के साथ बैठक करेंगे.बैठक में वह अमित शाह का संदेश देंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे. भुपेंद्र यादव महाराष्ट्र कोर कमेटी की बैठक भी बुला सकते हैं.

संजय राउत ने यह भी कहा है कि राज्य में जिसके पास बहुमत हो वह सरकार बना ले. लेकिन अस्मिता की लड़ाई जारी रहेगी. दिल्ली के सामने न शरद पवार झुके और न ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे. उन्होंने कहा कि अगर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा तो यह राज्य की जनता का अपमान होगा.

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र के जनादेश का अपमान कर रही है. बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगवाना चाहती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के सामने महाराष्ट्र कभी नहीं झुका. हमने हमेशा महाराष्ट्र के स्वाभिमान की बात कही है. हम कोई समझौता नहीं करेंगे.

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने आज फिर ट्वीट करके बीजेपी पर तंज कसा है. संजय राउत ने गीता का संदेश ट्वीट करते हुए कहा है कि कोई दीनता नहीं चाहिए, चुनौतियों से भागना नहीं, बल्कि जूझना जरूरी है. आग्नेय परीक्षा की इस घड़ी में-आइए, अर्जुन की तरह उद्घोष करें : ‘‘न दैन्यं न पलायनम्।’’- अटल बिहारी वाजपेयी (गीता का संदेश- *न दैन्यं न पलायनम्* अर्थात कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है.

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा या सरकार बनाने को लेकर कोई फॉर्मूला निकलेगा, इसपर अभी भी सस्पेंस बरकरार है. राज्य में सरकार बनाने के लिए सिर्फ कल तक का वक्त बचा है. राष्ट्रपति शासन की आशंका को देखते हुए राज्यपाल ने कल कानूनी राय ली. दरअसल मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल कल खत्म हो रहा है. अगर कल भी सरकार नहीं बनी तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.

 

शिवसेना ने अभी भी अपने सभी विधायकों को रंगशारदा होटल में रखा है. राज्य में अब लगभग सभी मुख्य दलों ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर ली है, लेकिन अभी तक किसी भी दल ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है. इसके पीछे की वजह है बहुमत का आंकड़ा. किसी पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा मौजूद नहीं है. हालांकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास 105 विधायक हैं. सरकार बनाने के लिए 146 विधायकों के समर्थन की जरुरत है. महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर पल पल की अपडेट के लिए बने रहिए एबीपी न्यूज़ के साथ। 

 

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