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धार- झूठी गवाही देने के आरोप में कोर्ट ने सुनाई सजा, मामला अप्राकृतिक कृत्य करने का

धार-मनावर। गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले आरोपी के विरुद्ध गवाही देने वाला जब न्यायालय में मुकर गया तो न्यायालय ने ऐसे व्यक्ति को झूठी गवाही देने के आरोप में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई। घटना थाना मनावर के जोगेश्वर मंदिर रोड की दिनांक 20 एवं 21 नवंबर 2010 कि मध्य रात्रि की हैं रात्रि 10 बजे आरोपी असीम पिता असलम द्वारा अपीलार्थी की गाय के साथ इंद्रिय भोग अप्राकृतिक मैथुन किया। जिसकी रिपोर्ट अपीलार्थी मनोज द्वारा थाना मनावर में की गई। जिस पर से थाना मनावर द्वारा अपराध क्रमांक 575/10 अपराध धारा 377 भादस के तहत प्रकरण पंजिबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिस पर से अपीलार्थी/फरियादी द्वारा न्यायालय के समक्ष कथन देते समय उसके द्वारा की गई रिपोर्ट नक्षामौका व अपने कथनों एवं समस्त कार्यवाहीयों से मुकर गया। जिससे आरोपी असीम दोषमुक्त हो गया। प्रकरण में फरियादी/अपीलार्थी द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने के आधार पर परिवाद संस्थित करने हेतु तत्कालीन न्यायालय रीडर शाबिर शेख के द्वारा परिवाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करवाई गई। जिसकी अपील अपीलार्थी/आरोपी मनोज पिता मोतीलाल प्रजापत आयु 42 वर्ष निवासी नेहरू पार्क के पास मनावर द्वारा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरके जैन के न्यायालय में प्रस्तुत की गई। जिस पर अपील प्रकरण में अभियोजन/रेस्पाडेंटस की और से उक्त अपील निरस्त किए जाने हेतु निवेदन किया गया व पूर्व अदालत द्वारा दिया गया दण्डादेश 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये का अर्थदंड यथावत रखे जाने का निवेदन किया गया। न्यायालय द्वारा अपील प्रकरण के पूर्व के निर्णय को सुक्ष्मता से परीक्षण करने के दौरान आरोपी/अपीलार्थी मनोज पिता मोतीलाल प्रजापत निवासी मनावर को अपराध धारा 193 भादस के तहत दिए गए 2 वर्ष के सश्रम कारावास व 500 रूपये के अर्थदण्ड की सजा को यथावत रखे जाने का आदेश दिया हैं। अपीलार्थी/आरोपी को जैल भेजा गया। उक्त दाण्डिक अपील में शासन/रेस्पाडेंटस की और से शासकीय लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित द्वारा पैरवी की गई।