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धार- कोर्ट ने हत्या के आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई

धार-मनावर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर के जैन द्वारा शासय हत्या के चार आरोपियो को सश्रम कारावास व 5500-5500 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया। घटना दिनांक 27 अगस्त 2014 को रात्रि करीब 9 बजे की हैं, गणपुर चौकडी पर शंभू अपने मित्र विक्रम के साथ मोटरसाईकिल पर बैठकर अपने घर नवलपुरा तरफ आ रहा था। रास्ते में नयापुरा टंकी के पास गांव के ही राहुल, सुनील पिता मंशाराम, मंशाराम पिता बोंदर, मुन्नी बाई पति बोंदर जाती बलाई ने उनका रास्ता रोक लिया व आरोपी सुनील ने शंभू को पकड़ लिया और राहुल ने शंभू को बाए तरफ पेट में चाकू मारा तथा आरोपी मंशाराम एवं मुन्नी बाई ने उसकी लात घूसों से पिटाई कर दी तथा जाते जाते जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के समय विक्रम, फरीद, लीलाबाई घटना स्थल पर मौजूद थे। जिन्होंने घटना घटीत होते देखी। गंभीर अवस्था में शंभू को एंबुलेंस डालकर उपचार हेतु बड़वानी ले जाया गया। शंभू का इलाज साईं बाबा हॉस्पिटल बड़वानी में चला था। घटना के दूसरे दिन इलाज के दौरान शंभू की मृत्यु हो गई। घायल रहते षंभू ने पुलिस को घटना के बारे में बयान दिये थे। उसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्र. 254/14 धारा 307, 341, 294 भादवि में मामला पंजिबद्ध किया था। शंभू की मृत्यु के बाद धारा 302 बढाई गई थी। मृतक शंभू एवं आरोपियो के बीच घर के आगे मुरम डालकर ओटला बना लेने को लेकर विवाद चल रहा था। उसी विवाद के चलते यह घटना कारित कि गई। आरोपी राहुल पिता मंशाराम आयु 30 वर्ष, सुनिल पिता मंशाराम आयु 31 वर्ष, मंशाराम पिता बोंदर आयु 56 वर्ष , मुन्नी बाई पति बोंदर आयु 50 वर्ष चारो को आजीवन सश्रम करावास एवं 22 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण की विवेचना तत्कालिन थाना प्रभारी बंसत नाईक एवं उपनिरिक्षक केडी तिवारी द्वारा की गई थी। प्रकरण में अभियोजन की और से पैरवी शासकीय लोक अभियोजक शरद कुमार पुरोहित द्वारा की गई।