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बेटे को जल्द घर लौटने का वादा कर गए थे शहीद डीएसपी अमन ठाकुर

जम्मू। कुलगाम मुठभेड़ में शहीद हुए डीएसपी अमन ठाकुर का आंत अंतिम संस्कार किया जाएगा। कश्मीर में ड्यूटी जाने से पहले डीएसपी अमन ठाकुर अपने छह वर्षीय बेटे आर्यन से जल्द घर लौटने का वादा कर गए थे। मार्च में आर्यन की परीक्षा समाप्त होने के बाद अमन ने उसे घूमाने का वादा भी किया था। लेकिन रविवार को हुई मुठभेड़ में अमन शहीद हो गए। अमन एक सप्ताह पहले घर पर आए थे।

रविवार शाम को जैसे ही अमन की शहादत की खबर जम्मू पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंची तो वहां सभी अधिकारियों के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। कोई भी अधिकारी यह हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था कि वह अमन के परिवार को उनकी शहादत की खबर दे।

असिसटेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस शिमा नबी को कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ अमन की पत्नी के पास यह खबर देने के लिए भेजा गया। सोशल मीडिया के जरिए भी अमन की शहादत की खबर के रिश्तेदारों को मिली तो वे भी उसकी पत्नी के साथ सांत्वना देने के लिए पहुंच गए।

कुछ ही देर में आइजीपी जम्मू एमके सिन्हा, जम्मू कठुआ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता, एसएसपी जम्मू तेजेंद्र सिह के अलावा पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी अमन के घर पर पहुंच गए।

केंद्रीय राज्य मंत्री और अधिकारी भी पहुंचे

शहादत की खबर मिलते हीं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिह के अलावा राज्यपाल के सलाहकार के विजय कुमार, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम भी शहीद के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ सांत्वना जताया।

तीन भाइयों में से सबसे छोटा था अमन

शहीद डीएसपी अमन ठाकुर अपने तीन भाईयों में से सबसे छोटे थे। उनके एक भाई शिक्षा में विभाग में लेक्चरर हैं और एक भाई राज्य पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल है, जो इन दिनों कश्मीर घाटी में ही तैनात हैं।

बता दें कि दक्षिण कश्मीर के तूरीगाम, कुलगाम में सुरक्षाबलों ने रविवार को भीषण मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ में राज्य पुलिस के एक डीएसपी और एक सैन्यकर्मी समेत दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए। वहीं, एक मेजर समेत तीन सैन्यकर्मी घायल हुए हैं। इस दौरान आतंकी समर्थकों के साथ हुई झड़प में छह लोग भी घायल हुए हैं।