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इंडोनेशिया विमान दुर्घटना: बरामद हुए कुछ शवों के अवशेष

जकार्ता। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से पंगकल पिनांग के लिए जा रहे प्लेन की टेकऑफ करने से 13 मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त विमान में सवार लोगों के शव बरामद होने लगे हैं। इंडोनेशियन सर्च टीम ने मंगलवार को लिओन एयर जेट के क्रैश होने वाली जगह से कुछ शवों के अवशेष बरामद किए हैं। बताते चलें कि प्लेन क्रैश होकर समंदर में गिर गया था। हादसे में प्लेन में सवार सभी 188 लोगों की मौत हो चुकी है।

इंडोनेशिया की नेशनल सर्च एंड रेस्क्यू टीम के प्रमुख मुहम्मद स्याउगी ने बताया कि टीम ने 10 बॉडी बैग में मानव अवशेषों को भरा है। इन्हें जकार्ता में पहचान और डीएनए टेस्टिंग के लिए ले जाया जाएगा। जिन शवों को बरामद किया गया है, उसमें एक बच्चे के अवशेष भी हैं। इसके अलावा विमान के मलबे को 14 बैग में भरा गया है। इसमें कपड़े, पर्स, जूते आदि शामिल हैं।

दर्जनों की तादात में गोताखोर शवों को बरामद करने के अभियान में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की सतह में मौजूद हर चीज को जमा कर लिया गया है। हमें उम्मीद है कि प्लेन की मेन बॉडी को हम देख सकेंगे। इंडोनेशिया की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी कमेटी ने कहा कि विमान जेटी 610 में 178 वयस्क, एक बच्चा, दो नवजात, केबिन क्रू के 6 सदस्य सवार थे।

मृतकों में एक भारतीय कैप्टन, इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के 20 कर्मचारी और इटली के पूर्व प्रोफेशनल साइक्लिस्ट आंड्रिया मैनफ्रीडी शामिल हैं। सर्च एजेंसी ने एक भी व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना से सोमवार शाम को इंकार कर दिया है।

बताते चलें कि इंडोनेशिया की लॉयन एयर विमानन कंपनी का बोईंग 377 विमान टेकऑफ के मात्र 13 मिनट बाद ही एटीसी से इसका संपर्क टूट गया था। इसके बाद इस विमान के दुर्घटना ग्रस्त होकर समंदर में गिरने की खबर मिली थी। विमान को उड़ाने वाले दोनों पायलट को कुल मिलाकर 11 हजार घंटे का अनुभव था। प्लेन के भारतीय कप्तान भव्य सुनेजा को 6,000 घंटे से ज्यादा प्लेन उड़ाने का अनुभव था, जबकि उनके सह-पायलट को 5,000 घंटे से ज्यादा प्लेन उड़ाने का अनुभव था।

लॉयन एयर जेटी610 प्लेन का निर्माण इसी साल हुआ था और लॉयन एयर 15 अगस्त से इसका संचालन कर रही थी। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना होने से पहले पायलट ने प्लेन को वापस बेस पर लाने का आग्रह किया था।