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शिवपुरी जिले में चाचा-भतीजे का मर्डर, अंतिम संस्कार करने से रोका

शिवपुरी। शहर से 12 किलोमीटर दूर कोटा ग्राम में कल हुए चाचा-भतीजे के मर्डर के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोपहर तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। एसपी राजेश चंदले ने बताया कि शवों को एम्बुलेंस से कोटा गांव तो लाया गया लेकिन कोटा के रास्ते पर सुबह से एंबुलेंस को रोक कर रखा गया है। बंदूक लाइसेंस, आंगनवाड़ी में नौकरी, आर्थिक मदद की मांग पर राजपूत समाज के लोग अड़े रहे। कलेक्टर अनुग्रह पी, एसपी राजेश चन्देल गांव आए और पीड़ित परिवार से मिले। उन्हें मदद का आश्वासन दिया, लेकिन परिजनों ने लिखित में देने कहा। आक्रोशित लोगों ने कहा कि अंतिम संस्कार के पहले जो हुआ वही होगा। बाद में मृतक दीपक के पिता के ग्वालियर से आने की बात कहकर इंतजार किया जाता रहा।

भावखेड़ी को दोहरा रहे

आक्रोशित लोगों का कहना है कि बार-बार भावखेड़ी में हुए दलित बच्चों की हत्या के मामले को यहां मौजूद लोग दोहरा रहे है। उन्होंने कहा कि उस गांव में मंत्री विधायक लगातार आये। यहां कोई नेता नहीं आया। फोरलेन पर लाश रख जाम लगाने की दे रहे धमकी देते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए यहां भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। जाम लगाने ऑटो में शव रखने से पुलिस ने उन्हें रोक दिया। एंबुलेंस से शव उताकर ऑटो रिक्शा में रखने पर भड़के युवाओं को एएसपी गजेंद्र कंवर, एसडीओपी पिछोड़ देंव्रदे कुशवाह ने रोक दिया। इलाके में लगातार हंगामा जारी है। पुलिस परिजनों ने बार-बार शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए मनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आक्रोशित लोग बिना लिखे पुलिस अधिकारियों की कोई भी बात मानने को तैयार नहीं है।