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खस्ता हाल पाकिस्तान की सेना को मजबूरी में घटाना पड़ा 10 फीसद रक्षा बजट

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खस्ता हाल होती जा रही है। महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है और लोग खाने-पीने की जरूरी चीजों के लिए भी तरस रहे हैं। इस बीच पाकिस्तानी सेना ने बड़ा कदम उठाते हुए अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपने रक्षा बजट को कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन्स (आईएसपीआर) के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल आसिफ गफूर ने गुरुवार को ट्वीट किया कि सेना अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्वेच्छा से अपने रक्षा बजट को कम कर रही है। मगर, इसे सुरक्षा की कीमत पर नहीं किया जा रहा है।

बताते चलें कि सेना ने बजट में 10 फीसद की कटौती की है। कहा जा रहा है कि कटौती से बचने वाले पैसों को बलूचिस्तान के विकास पर खर्च किया जाएगा। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने भी सेना के इस कदम का स्वागत करते हुए सेना की पीठ थपथपा दी और खुद को महान देश बताने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सामने कई सुरक्षा चुनौतियां होने के बावजूद पाकिस्तानी सेना का यह एक महान कदम है।


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मगर, यह कटौती किसी स्वेच्छा से नहीं हुई है। दरअसल, नकदी के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के पास देश को चलाने के लिए पैसे ही नहीं हैं। कभी सऊदी और कभी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सामने कटोरा लेकर खड़ा रहता है। पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। जीडीपी अपने आठ साल के समय में सबसे कम है।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अप्रैल में कहा कि साल 2018 में पाकिस्तान ने 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे। इस राशि के साथ वह दुनिया का 20वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश था।स्वीडन स्थित संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 का सैन्य खर्च पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का चार फीसद है, जो साल 2004 के बाद से सबसे ज्यादा है।

बताते चलें कि दुनिया में सैन्य खर्च के मामले में शीर्ष पर संयुक्त राज्य अमेरिका है, जिसने पिछले साल अपनी सेनाओं पर 649 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य खर्च में पिछले एक दशक में 17 फीसद की कमी आई है।

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