Follow us:

पतंजलि नहीं लॉन्च करेगा किम्भो एप, व्हॉट्सएप को टक्कर देने के लिए किया गया था एलान

नई दिल्ली। काफी समय से पतंजलि अपने अपकमिंग एप के बारे में यूजर्स को जानकारी दे रहा था. लेकिन अब व्हॉट्सप को टक्कर देने वाला ये एप शायद न लॉन्च हो. जी हां मेड इन इंडिया एप को इसलिए लॉन्च किया जाना था जिससे साइबर सिक्योरिटी से लड़ा जा सके. किम्भो एप को लेकर सबसे पहले 30 मई को एलान किया गया था और फिर एप को 24 घंटों के भीतर ही हटा लिया गया. कारण था सिक्योरिटी और एप इतना कमजोर था कि हैक होने के आसार सबसे ज्यादा थे. लेकिन इसके बाद पतंजलि ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने सारी खामियों को दूर कर लिया है और अब एप को जल्द ही लॉन्च कर दिया जाएगा.

इसके बाद बाबा रामदेव ने कहा था कि एप को अगस्त के महीने में लॉन्च किया जाएगा लेकिन फिर एप को एक और बार हटा लिया गया. इसके तुरंत बाद एप डेवलपर अदिती कमल ने भी पतंजलि को अपना इस्तीफा सौंप दिया. अब पतंजलि के सीईओ और MD आचार्य बाल कृष्णा का कहना है कि वो एप से खुश नहीं है तो वहीं अब एप को कभी लॉन्च नहीं किया जाएगा. हम अपने काम से खुश नहीं हैं इसलिए एप के काम को पूरी तरह से रोक दिया गया है.

लॉन्च होते ही एप में पाई गई थीं कई खामियां

योगगुरु रामदेव ने व्हाट्सएप के जवाब में किम्भो एप उतारा था और कुछ घंटे में ही इस एप को गूगल के प्ले स्टोर से हटा दिया गया. एप को लेकर कई सेक्योरिटी एक्सपर्ट ने दावा किया कि इसमें यूजर्स के डेटा की सिक्योरिटी को लेकर कई बड़ी गड़बड़ियां है और डेटा में आसानी से सेंध लगाई जा सकती है. लेकिन अब ये सारा मामला सुलझ चुका है और किम्भो एप पूरी तरह से लॉन्च होने के लिए तैयार हो चुका है.

क्या है किम्भो का मतलब

किंभो एक संस्कृत का शब्द है जिसका मतलब है What’s New या How are you. इस मैसेजिंग एप का लोगो व्हाट्सएप को ही थोड़े हेर-फेर के साथ डिजाइन किया हुआ लगता है.

साइबर एक्सपर्ट ने बताया था 'सेक्योरिटी डिजास्टर'

फ्रेंच सेक्योरिटी रिसर्चर एलिओट एल्डरसन ने रामदेव के इस एप में यूजर के डेटा सेक्योरिटी को लेकर बड़ी चिंता जताई थी. व्हाट्सएप को देश में टक्कर देने के दावे के साथ उतारे गए किम्भो एप को रिसर्चर ने 'सेक्योरिटी डिजास्टर' बताया. एलिओट एल्डरसन ने ट्वीट किया, ' किम्भो एप एक मजाक है, अगली बाद किसी भी ऐलान से पहले कंपनी एक बेहतर डेवलपर नियुक्त करे. इस एप को इस्टॉल ना करें.' उन्होंने अगले ट्वीट में दावा किया कि किम्भो एप बोलो एप जैसा हूबहू दिखता है. दोनों ही एप के प्ले स्टोर में स्क्रीनशॉट बिलकुल एक जैसे हैं.