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पतंजलि के किम्भो एप ने किया कमबैक, प्ले स्टोर पर 'बोलो' नाम से उपलब्ध

नई दिल्ली। योगगुरु रामदेव ने व्हाट्सएप के जवाब में किम्भो एप उतारा था और कुछ घंटे में ही इस एप को गूगल के प्ले स्टोर से हटा दिया गया. एप को लेकर कई सेक्योरिटी एक्सपर्ट ने दावा किया कि इसमें यूजर्स के डेटा की सिक्योरिटी को लेकर कई बड़ी गड़बड़ियां है और डेटा में आसानी से सेंध लगाई जा सकती है. इस विवाद पर बाबा रामदेव ने कहा था कि एप को सेटअप करने में फ्लैगशिप कंपनी पतंजलि को और दो महीने लगेंगे.

एप के टेस्टिंग फेस के दौरान हमें काफी ट्रैफिक देखने को मिला. हालांकि वो सिर्फ एक पायलट फेस था. उन्होंने आगे कहा था कि तैयारी अभी जारी है और आनेवाले दो महीनों में हम एप को पूरी तरह से सेटअप कर देंगे. रामदेव ने इन सभी बातों को का खुलासा एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किया था.

बोलो मैसेंजर एप नाम से लॉन्च हुआ किम्भो

दो महीनों में ही बोलो मैसेंजर (किम्भो) एप को अपडेट कर दिया गया है जहां यूजर्स इसे कल से ही यानी की 13 जुलाई से ही एप को मैसेंजर पर देख सकते हैं. एप को सबसे पहले 28 मई को डेवलपर अदिति कमल के जरिए पेज पर रिलीज किया गया था. गौर करने वाली बात ये थी की प्ले स्टोर पर कमल का नाम, ई- मेल आईडी और एड्रेस भी दिख रहा था. और ये नहीं भूलना चाहिए कि कमल ने इस एप पर अपना फेस भी लगा रखा था तो वहीं एप की फाउंडर भी अदिति कमल ही थीं.

नए बोलो मैसेंजर एप पर किम्भो का आइकन ठीक व्हॉट्सएप की तरह ही दिखता है. तो इसका मतलब कहीं ये तो नहीं हुआ कि पतंजलि फिर से किम्भो एप को बोलो मैसेंजर एप के रूप में लॉन्च करेगा।

सिक्योरिटी की अगर बात करें तो कमल ने एलियॉट नाम के एक सिक्योरिटी रिसर्चर को ट्विटर पर चैलेंज किया था कि वो नए एप को हैक करके दिखाए. कुछ घंटों में ही रिसर्चर ने पाया कि एप में भारी गड़बड़ी है. रिसर्चर ने खुलासा किया कि नए एप बोलो में आप किसी का भी ऑनलाइन स्टेटस देख सकते हैं तो वहीं कौन लास्ट टाइम एक्टिव था वो भी देख सकते हैं. ये सबकुछ तब भी मुमकिन होगा जब आपने उस कॉंटैक्ट को अपने लिस्ट में नहीं जोड़ा होगा।