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जॉब बदलने के साथ हर बार नहीं करना होगा PF अकाउंट ट्रांसफर

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ग्राहकों को अब नौकरी बदलने के बाद हर बार पीएफ खाता ट्रांसफर करने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस वर्ष अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष से यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक हो जाएगी।

अधिकारी ने कहा, 'नौकरी बदलने के साथ ईपीएफ ट्रांसफर प्रक्रिया ऑटोमेटिक हो, इसकी फिलहाल पायलट टेस्टिंग हो रही है। हमें पूरी उम्मीद है कि सभी सब्सक्राइबर के लिए यह सुविधा अगले वित्त वर्ष में कभी भी शुरू की जा सकती है।'

अधिकारी ने कहा कि ईपीएफओ ने पेपरलेस ऑर्गनाइजेशन का लक्ष्य हासिल करने के लिए सी-डैक को जिम्मेदारी दी है कि वह संगठन के ऑपरेटिंग सिस्टम का अध्ययन करे।

वर्तमान में संगठन का लगभग 80 फीसद काम ऑनलाइन हो रहा है। नौकरी बदलने पर ईपीएफ अकाउंट का ऑनलाइन टांसफर ऐसी प्रक्रिया है, जो इस लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगी।

अभी क्या होता है

वर्तमान में ईपीएफओ के सभी सब्सक्राइबरों को नौकरी बदलने के साथ ही अपना पीएफ फाइल ट्रांसफर करना पड़ता है। यह काम उन्हें भी करना होता है जिनके पास युनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) है।

असल में यूएएन की परिकल्पना ही इसलिए की गई थी कि सब्सक्राइबरों को नौकरी बदलने के साथ हर बार पीएफ अकाउंट नंबर नहीं बदलना पड़े। लेकिन अभी तक हो यह रहा है कि नौकरी बदलने के बाद ईपीएफ ग्राहक अपना यूएएन नई कंपनी को दे देता है, जो ईपीएफ अंशदान उस यूएएन में हस्तांतरण करना शुरू कर देती है।

हालांकि यूएएन में पिछले ऑर्गनाइजेशन के ईपीएफ अंशदान की जानकारी नहीं होती है। नई व्यवस्था में यूएएन एक बैंक अकाउंट की तरह काम करने लगेगा। ऐसे में कर्मचारी चाहे नौकरी बदले या शहर, उसके ईपीएफ अंशदान की पूरी जानकारी उसे एक ही यूएएन पर मिल जाएगी।