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मध्यप्रदेश चुनाव : इन 7 सीटों पर मेहनत की होती तो आज BJP के खेमें में होती खुशी

नई दिल्ली। 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी से 3 राज्य छीन लिए और एक राज्य अपना गंवाया। पाचों राज्यों में एक राज्य मध्य प्रदेश ऐसा रहा जहां दोने ही पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है। मध्य प्रदेश में दोनो ही पार्टियां अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकीं लेकिन कांग्रेस को बहुजन समाज पार्टी का समर्थन मिलने से सरकार बनाने का मौका मिला है। मध्य प्रदेश के अंतिम चुनाव परिणामों में 230 में से कांग्रेस ने 114, भाजपा ने 109, बसपा ने 2, सपा ने 1 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 4 सीटों पर जीत हासिल की है।

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस के मुकाबले अधिक वोट मिले लेकिन सीटें कम रहने की वजह से भाजपा को सरकार बनाने का मौका नहीं मिल पाया। चुनाव आयोग के मुताबिक भाजपा को कुल मिलाकर 1,56,42,980 वोट मिले जबकि कांग्रेस को 1,55,95,153 वोट मिले।

मध्य प्रदेश में 7 सीटें ऐसी रहीं जहां पर भारतीय जनता पार्टी को की हार का अंतर 1000 वोटों से भी कम था, अगर इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार के समय थोड़ी ज्यादा मेहनत की होती तो मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बन सकती थी। इन 7 सीटों में ग्वालियर दक्षिण सीट भाजपा 121 वोट से हारी, सुवासरा विधानसभा सीट 350 वोट से हारी, जबलपुर नॉर्थ सीट पर भाजपा को 578 वोट से हार मिली, राजनगर सीट पर 732 वोट से हार हुई, दमोह सीट पर 798 वोट से हार हुई, ब्यावरा सीट पर 826 वोट से हारे और राजपुर सीट पर 932 वोट से हार हुई।

 

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