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गुलाम नबी आजाद के घर शुक्रवार को विपक्ष की बड़ी बैठक, सियासी मसलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के घर विपक्षी पार्टियों के मुख्य नेताओं की अहम बैठक होगी. शुक्रवार सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में सभी विपक्षी दलों के कोर ग्रुप के नेता शामिल होंगे.

जानकारी के मुताबिक, यह बैठक वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में चल रहे उठा-पटक लेकर बुलाई गई है. बता दें कि जज लोया की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कांग्रेस ने कहा है कि मामले में कई सवाल अनसुलझे हैं.

बताया जा रहा है कि इस बैठक में कांग्रेस विपक्ष के सभी पार्टियों के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर चर्चा कर सकती है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में SIT जांच की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि इस मामले में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं.

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा है कि मामले का कोई आधार नहीं है, इसलिए इसमें जांच नहीं होगी. तीन जजों की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि चार जजों के बयान पर संदेह का कोई कारण नहीं है, उन पर संदेह करना संस्थान पर संदेह करने जैसा होगा. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि इस मामले के लिए न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन वकीलों ने ये याचिका डाली है, उन्होंने इसके जरिए न्यायपालिका को बदनाम करने की कोशिश की है. ये अदालत की आपराधिक अवमानना करने जैसा है. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि ये याचिका राजनीतिक फायदे और न्यायपालिका की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए किया गया.

कांग्रेस बोली- निष्पक्ष जांच हो

हालांकि, इस फैसले के आने के बाद कांग्रेस ने कहा कि जज लोया की मौत के बाद दो और साथियों की भी मौत हुई थी. इस मामले में कई तरह के आरोप सामने आए. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही कांग्रेस ने 10 सवाल भी उठाए. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि लोया मामले के फैसले का निष्पक्ष विश्लेषण पूर्ण तार्किक आधार पर पहुंचना चाहिए. लेकिन, जब तक इसका तर्कपूर्ण निष्कर्ष नहीं निकलता, यह और सवाल खड़े करेगा और कई अनुत्तरित रहेंगे.

चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में थी कांग्रेस

हाल ही में कांग्रेस पार्टी विपक्ष के साथ मिलकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में थी. ऐसी खबरें भी थीं कि महाभियोग को लेकर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने करीब 60 सांसदों का समर्थन हासिल कर लिया था. हालांकि, इस प्रस्ताव की शुरुआत होने के साथ ही ये मुद्दा दब गया. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब महाभियोग का मुद्दा बंद हो गया है, हम ऐसा कुछ नहीं कर रहे हैं.