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राष्ट्रपति कोविंद ने पेश किया मोदी सरकार का नजरिया, राष्ट्रीय सुरक्षा, किसान और जल संकट पर फोकस

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा सत्ता में आने के बाद संसद के पहले सत्र को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित कर रहे हैं. राष्ट्रपति सेंट्रल हॉल में संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के पांच साल के विजन को बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास हमारा लक्ष्य है. राष्ट्रपति ने जल संकट, किसानों और छोटे उद्योगपतियों का जिक्र किया और कहा कि सरकार इस ओर कदम उठा रही है.

उन्होंने कहा, ''मेरी सरकार पहले दिन से ही सभी देशवासियों का जीवन सुधारने, कुशासन से पैदा हुई उनकी मुसीबतें दूर करने और समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सभी जरुरी सुविधाएं पहुंचाने के लक्ष्य के प्रति समर्पित है.''

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ''देशवासियों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी करते हुए सरकार सशक्त, सुरक्षित, समृद्ध और सर्वसमावेशी भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है. यह यात्रा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की मूल भावना से प्रेरित है.''

राष्ट्रपति ने कहा कि जो किसान हमारा अन्नदाता है, उसकी सम्मान-राशि की पहुंच बढ़ाते हुए, अब ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ को, देश के प्रत्येक किसान के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है.

छोटे व्यापारी
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ''पहली बार किसी सरकार ने छोटे दुकानदार भाई-बहनों की आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान दिया है. कैबिनेट की पहली बैठक में ही छोटे दुकानदारों और रीटेल ट्रेडर्स के लिए एक अलग ‘पेंशन योजना’ को मंजूरी दे दी गई है. इस योजना का लाभ देश के लगभग 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को मिलेगा.''

राष्ट्रीय सुरक्षा
उन्होंने कहा, ''नेशनल डिफेंस फंड से वीर जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है. इसमें पहली बार राज्य पुलिस के जवानों के बेटे-बेटियों को भी शामिल किया गया है.''

जल संकट
राष्ट्रपति ने कहा, ''हमें अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना ही होगा. नए ‘जलशक्ति मंत्रालय’ का गठन, इस दिशा में एक निर्णायक कदम है जिसके दूरगामी लाभ होंगे. इस नए मंत्रालय के माध्यम से जल संरक्षण एवं प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.''

ग्रामीण भारत
राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है. कृषि क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए, आने वाले वर्षों में 25 लाख करोड़ रुपए का और निवेश किया जाएगा.

‘नीली क्रांति’
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि आज भारत मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है. हमारे देश में प्रथम स्थान पाने की क्षमता है. इसीलिए सरकार, ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ यानि ‘नीली क्रांति’ के लिए प्रतिबद्ध है. मछली पालन के समग्र विकास के लिए एक अलग विभाग गठित किया गया है.

महिला सशक्तीकरण
महिला सशक्तीकरण, मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है. नारी का सबल होना तथा समाज और अर्थ-व्यवस्था में उनकी प्रभावी भागीदारी, एक विकसित समाज की कसौटी होती है. सरकार की यह सोच है कि न केवल महिलाओं का विकास हो, बल्कि महिलाओं के नेतृत्व में विकास हो. ‘उज्ज्वला योजना’ द्वारा धुएं से मुक्ति, ‘मिशन इंद्रधनुष’ के माध्यम से टीकाकरण, ‘सौभाग्य’ योजना के तहत मुफ्त बिजली कनेक्शन, इन सभी का सर्वाधिक लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है.

तीन तलाक
देश में हर बहन-बेटी के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने हेतु ‘तीन तलाक’ और ‘निकाह-हलाला’ जैसी कुप्रथाओं का उन्मूलन जरूरी है. मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करूंगा कि हमारी बहनों और बेटियों के जीवन को और सम्मानजनक एवं बेहतर बनाने वाले इन प्रयासों में अपना सहयोग दें.

राष्ट्रपति सरकार की ओर से तैयार किए गए भाषण पढ़ते हैं. राष्ट्रपति के अभिभाषण खत्म होने के आधे घंटे बाद लोकसभा और राज्यसभा फिर बैठेगी. उसके बाद उनके अभिभाषण की कॉपी पटल पर रखने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो जाएगी.

 

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