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आईएनएक्स मीडिया केस : राहुल ने कहा- केंद्र ने एजेंसियों का इस्तेमाल चिदंबरम की छवि बिगाड़ने के लिए किया, प्रियंका बोलीं- यह शर्मनाक

आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद ईडी-सीबीआई 20 अगस्त को देर रात चिदंबरम के घर गईं

ईडी ने आशंका जाहिर की थी कि चिदंबरम विदेश भाग सकते हैं, उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया केस में पी चिदंबरम के खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की साजिश बताया है। राहुल ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार चिदंबरम की छवि खराब करने के लिए एजेंसियों और बिना रीढ़ की मीडिया के एक वर्ग का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं ताकत के इस गलत इस्तेमाल की निंदा करता हूं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद देर रात ईडी और सीबीआई चिदंबरम के घर पहुंची थी, लेकिन वे नहीं मिले।

प्रियंका ने कहा- हम चिदंबरम के साथ, सच के लिए लड़ते रहेंगे
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, “चिदंबरमजी राज्यसभा के एक सम्मानित सदस्य हैं, जिन्होंने दशकों से वित्त मंत्री और गृह मंत्री के तौर पर देश की पूरी ईमानदारी से सेवा की। वे बेहिचक सच बोलते हैं और इस सरकार की नाकामियों को सामने लाते हैं। लेकिन, डरपोकों के लिए सच असुविधा का कारण बनता है और इसीलिए एजेंसियां शर्मनाक तरीके से उनके पीछे पड़ी हैं। हम उनके साथ खड़े हैं और सच के लिए लड़ते रहेंगे, फिर चाहे जो भी नतीजा हो।”

सीबीआई ने चिदंबरम को 2 घंटे की मोहलत दी थी

सीबीआई ने 20 अगस्त की रात 11.30 बजे चिदंबरम के घर पर नोटिस चस्पा कर दो घंटे में पेश होने के लिए कहा। इसके बावजूद चिदंबरम पेश नहीं हुए। बुधवार सुबह ही उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए तत्काल सुनवाई की अपील की। इसके ठीक बाद ईडी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। चिदंबरम पर अब सड़क, हवाई और समुद्र मार्ग से सफर करने पर रोक लग गई है।

चिदंबरम बोले- दिल्ली हाईकोर्ट की ‘किंगपिन’ वाली टिप्पणी गलत
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चिदंबरम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। याचिका में कहा गया है कि आईएनएक्स मीडिया केस में हाईकोर्ट ने उन्हें किंगपिन बताया जो कि पूरी तरह आधारहीन है। न्याय से भागने की कोई संभावना नहीं है, लेकिन इस मामले में गिरफ्तारी के जरिए एक व्यक्ति को बदनाम करने और उसकी प्रतिष्ठा पर चोट करने की कोशिश की जा रही है।

 


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