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राजस्थान विधानसभा चुनाव : कांग्रेस ने धर्म के नाम पर मांगे वोट, भाजपा ने विकास को मुद्दा बनायाः अमित शाह

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया है कि राजस्थान में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने जा रही है और हर बार सत्ता परिवर्तन के कांग्रेस के दुष्प्रचार को हम जनता के दिमाग से निकालने में सफल रहे हैं।

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन जयपुर में मीडिया से बातचीत में अमित शाह ने कहा कि राजस्थान में बहुत अच्छा और थकाने वाला चुनाव प्रचार हुआ है। हम सरकार के पांच साल के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में सफल रहे हैं। प्रधानमंत्री सहित हमारे सभी स्टार प्रचारकों व यहां के नेताओ आदि ने कुल मिला कर 222 छोटी-बड़ी सभाएं और 15 रोड शो किए हैं। कांग्रेस ने यहां इस बात का दुष्प्रचार किया था कि यहां हर बार सत्ता परिवर्तन होता है, लेकिन हम इस बात को जनमानस के दिमाग से निकालने में सफल रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओ के एक करोड़ 70 लाख लाभार्थियों का बहुत अच्छा प्रतिसाद हमें मिला है। लाभार्थियों का उत्साह हर जगह दिखा। उसने पूरे चुनाव के गणित को बदला है।

शाह ने कहा कि कंग्रेस ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण के आधार पर चुनाव लड़ा और हमने राजस्थान का विकास, गरीब कल्याण के मुद्दों पर चुनाव लड़ा है। कांग्रेस ने आरोपों की राजनीति को आगे रखा। नकारात्मक प्रचार अभियान किया है। जब हमने पूछा कि कांग्रेस ने राजस्थान को क्या दिया तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता था। शाह ने कहा कि हमने पूरे प्रचार में विकास और काम की राजनीति को मुख्य मुद्दा बनाया है, जबकि कांग्रेस नेता भी तय नहीं कर पाई। हर जिले में वहां के नेता खुद को मुख्यमंत्री बता कर प्रचार कर रहे हैं। लेकिन जनता जानती है कि कांग्रेस के पास न नेता है न नीति है और न सिद्धांत है। कांग्रेस ने जाति और धर्म की राजनीति की। प्रधानमंत्री की गरिमा को नीचे गिराया, जबकि हमने रचनात्मक व सकारात्मक ढंग से प्रचार किया है। शाह ने कहा कि हम पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे। राजस्थान को केंद्र व राज्य सरकार के डबल इंजन वाली सरकार मिलने जा रही है। हम राजस्थान को विकसित से समृद्ध राज्य बनाने के लिए फिर राजस्थान में सरकार बना रहे हैं।

शाह ने सवालों का जवाब देते हुए कहा बुलंदशहर की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। यूपी सरकार ने एसआइटी गठित की है। इस पर राजनीति करना ठीक नहीं है। कांगेस के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता पहले अपनी पार्टी में लोकतंत्र की चिता करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि नवजोत सिंह सिद्धू किसके कहने पर पाकिस्तान गए थे।