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राज्यसभा चुनाव: गुजरात में कांग्रेस नेता ने बतौर निर्दलीय नामांकन पत्र किया दाखिल

नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के आखिरी दिन कांग्रेस में अंतर्कलह बाहर आ गई. दरअसल, पार्टी के नेता पी के वलेरा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकनपत्र दाखिल किया, जबकि बीजेपी ने पूर्व विधायक किरीट सिंह राणा को तीसरे उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है.

गुजरात से रिक्त हो रही चार सीटों के लिए वलेरा और राणा सहित सात उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया. इन सभी सीटों पर 23 मार्च को चुनाव होगा. नामांकनपत्र दाखिल करने की समय सीमा दोपहर तीन बजे तक थी. समय सीमा समाप्त होने से पहले आखिरी आधे घंटे में तीन उम्मीदवारों ने अपना नामांकनपत्र दाखिल किया.

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मंडाविया भाजपा के उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस ने अमीबेन यागनिक और आदिवासी नेता नारण राठवा को मैदान में उतारा है. हालांकि, पूर्व आईएएस अधिकारी एवं गुजरात कांग्रेस के मौजूदा महासचिव वलेरा के मैदान में उतरने से चुनाव दिलचस्प हो गया है.

वलेरा ने कांग्रेस के कुछ विधायकों के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. जबकि इससे पहले पार्टी के दो आधिकारिक उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया था. वलेरा से करीबी तौर पर जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कांग्रेस के 10 विधायकों ने उनके नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किया है.

रूपाला, मंडाविया और यागनिक ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया लेकिन राठवा ने इसमें देर की जिससे कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार को लेकर अटकलें बढ़ गई और राजीव शुक्ला के नाम की चर्चा शुरू हो गई. वहीं, तीन बजे की अंतिम समय सीमा से करीब आधा घंटा पहले और दोपहर ढाई बजे के बाद राठवा चुनाव अधिकारी के कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ पहुंचे और अपना नामांकन पत्र सौंपा.

फिर बीजेपी के राणा ने भी पार्टी से तीसरे उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया. राठवा, वलेरा और राणा का नामांकन आखिरी आधे घंटे में दाखिल हुआ. इस बीच, प्रकाश मुलानी नाम के एक व्यक्ति ने भी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल किया. हालांकि, बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं ने इस बात से इनकार किया है कि मुलानी उनसे जुड़े हुए हैं.

बता दें कि गुजरात राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की आखिरी तारीख15 मार्च है. गौरतलब है कि 182 सदस्यीय राज्य विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के 99 और विपक्षी कांग्रेस के 77 विधायक हैं. दोनों पार्टियां ने दो- दो उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने की स्थिति में हैं क्योंकि हर उम्मीदवार को वोटों की न्यूनतम संख्या 38 है.

बीजेपी ने कहा कि राठवा के नामांकन दाखिल करने में देर होना और वलेरा के निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरना यह दर्शाता है कि पार्टी में अंदरूनी कलह तेज है. गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि इस प्रकरण ने कांग्रेस खेमे में अंदरूनी कलह को सामने ला दिया. इससे कांग्रेस विधायकों का वोट बंट सकता है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस के अंदरूनी कलह का फायदा उठाने के लिए राणा को तीसरे उम्मीदवार के तौर पर उतारा है. नामांकनपत्र दाखिल करने में देरी के बारे में पूछे जाने पर राठवा ने मीडिया से कहा कि नामांकनपत्र दाखिल करने के लिए एक कागजात प्राप्त करना था.