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फिर ऐतिहासिक स्तर तक गिरा रुपया, डॉलर के मुकाबले 71.75 पर हुआ बंद

नई दिल्ली। पिछले 6 दिनों से जारी रुपये की गिरावट बुधवार को भी जारी रही. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और उभरती अर्थव्यवस्था वाले बाजारों में कमजोरी के रुख के कारण रुपया आज डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की एक और बड़ी गिरावट के साथ 71.75 के साथ अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ. दिन के कारोबार के दौरान रुपया 71.97 रुपये के ऐतिहासिक निम्न स्तर तक लुढ़क गया था जहां कारोबार के अंत की ओर उसे कुछ राहत मिलती दिखाई दी. पिछले छह कारोबारी सत्रों के दौरान रुपये में 165 पैसे की गिरावट आई है.

इंटरबैक विदेशी करेंसी बाजार में रुपया 71.40 रुपये की मजबूती पर खुला और दोपहर से पहले 71.37 रुपये तक और मजबूत हो गया था. बाद में 71.97 रुपये के ताजा रिकॉर्ड निम्न स्तर को छूने के बाद अंत में 17 पैसे अथवा 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.75 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

रिजर्व बैंक के सहारे संभला रुपया

रुपये में होती लगातार गिरावट को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने हरकत में आकर रुपये की गिरावट को थामने के कुछ उपाय किये जिसकी वजह से यह भारी गिरावट की स्थिति से बच गया. बढ़ते ट्रेड वॉर की आशंकाओं तथा कच्चे तेल की वैश्विक कीमत के बढ़ते जाने की वजह से और वैश्विक व्यापार की स्थिति बिगड़ने से विदेशीमुद्रा विनिमय कारोबार से जुड़े व्यापारियों में घबराहट फैल गई है.

अंतराष्ट्रीय वजहों से जारी है रुपये में गिरावट

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध और वेनेजुएला के बिगड़े हुए घरेलू हालातों के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. अमेरिका ने अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ ट्रेड वॉर छेड़ रखा है जिसकी वजह से दुनिया भर की करेंसी में लगातार गिरावट हो रही है. अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के साथ अपने नाफ्टा समझौते को रद्द करने की बात कर रहा है. जिस वजह से भी अंतराष्ट्रीय बाजार में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है. अर्जेंटीना की मुद्रा पेसो और तुर्की की मुद्रा लीरा में आई गिरावट का भी प्रभाव अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय मुद्रा पर पड़ रहा है. इस बीच फाइनेंशल बेंचमार्क इंडिया प्रा लि (एफबीआईएल) ने संदर्भ दर 71.7533 रुपये प्रति डॉलर और 83.1310 रुपये प्रति यूरो निर्धारित की है. अन्तरमुद्रा कारोबार में पौंड और यूरो के मुकाबले रुपये में गिरावट आई है जबकि जापानी येन के मुकाबले रुपये में सुधार दर्ज हुआ है