Follow us:

SCO Summit: मोदी ने चिनफिंग से कहा, पाक के रवैये में नहीं आ रहा है सुधार

नई दिल्ली। सत्ता में लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक से इतर पहली बार दुनिया के दो बड़े देशों चीन और रूस के प्रमुखों से द्विपक्षीय बातचीत की। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हुई मुलाकात में अक्टूबर, 2019 में चिनफिंग की भारत यात्रा का एजेंडा तय हुआ तो पुतिन-मोदी वार्ता में सितंबर, 2019 में मोदी की रूस यात्रा को अंतिम रूप भी दिया गया।

मोदी ने चिनफिंग को साफ तौर पर बता दिया कि उनका मित्र राष्ट्र पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रवैये में कोई खास सुधार करता नहीं दिख रहा है। ऐसे में पाकिस्तान से वार्ता की कोई संभावना नहीं बन रही है। चीनी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पाकिस्तान को लेकर हुई संक्षिप्त चर्चा में प्रधानमंत्री ने चिनफिंग से दो टूक कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद मुक्त माहौल बनाने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल हमें ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है। हम इस्लामाबाद से (वार्ता बहाल करने के लिए) ठोस कार्रवाई की अपेक्षा करते हैं।' मोदी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की है, लेकिन ये कोशिशें पटरी से उतर गई हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संबंध में भारत का हमेशा से एक ही रुख रहा है कि वह इस्लामाबाद के साथ शांतिपूर्ण रिश्ते चाहता है। मोदी-चिनफिंग की यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब करीब महीने भर पहले चीन द्वारा तकनीकी रोक हटाने के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति ने जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया है।

इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार सुबह एससीओ के शीर्ष नेताओं की बैठक में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक रवाना हुए तो उनके विमान ने पाकिस्तान की हवाई सीमा का कतई इस्तेमाल नहीं किया। मोदी का विमान गुजरात होते हुए अरब सागर के ऊपर से ईरान में दाखिल हुआ। उसके बाद यह तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान होते हुए बिश्केक पहुंचा।

सनद रहे बुधवार को पाकिस्तान सरकार ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को अपनी वायुसीमा के ऊपर उड़ान भरने की इजाजत दे दी थी। लेकिन भारत ने उसके इस्तेमाल से मना कर दिया था। मोदी के वहां पहुंचने के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी बिश्केक पहुंचे। दोनों की आधिकारिक मुलाकात की कोई योजना नहीं है। वैसे इस महीने के आखिर में ओसाका (जापान) में होने वाली समूह-20 देशों की बैठक से इतर भी मोदी, पुतिन और चिनफिंग की त्रिपक्षीय वार्ता होनी है। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में तीनों ने त्रिपक्षीय वार्ता की थी। तीनों देशों के बीच यह त्रिपक्षीय वार्ता 12 साल बाद हुई थी।

भारत का दौरा करेंगे चिनफिंग

विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति ने जहां मोदी को चुनावी जीत पर बधाई दी तो मोदी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मोदी ने उन्हें अगली अनौपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित किया जिसे चिनफिंग ने तुरंत स्वीकार कर लिया। वुहान के बाद यह दोनों नेताओं की दूसरी अनौपचारिक बैठक होगी जिसमें द्विपक्षीय रिश्तों के पेंचों को खोलने का तरीका खोजा जाएगा। वुहान बैठक में लिए गए फैसलों की भी समीक्षा की गई और दोनों नेताओं ने माना कि हालात में सुधार हो रहा है। खास तौर पर सीमा पर शांति कायम करने में सफलता मिली है। कारोबार से जुड़े मुद्दों पर भी विमर्श हुआ।

मोदी करेंगे रूस का दौरा

मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच भी अलग से मुलाकात हुई। द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत के साथ ही पुतिन ने मोदी को ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने इसे सहज तरीके से स्वीकार किया और अब वह सितंबर, 2019 में रूस की यात्रा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच सालाना होने वाली शीर्षस्तरीय बैठक भी होगी। मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को अमेठी (कोरवा) में भारत-रूस संयुक्त उपक्रम के तहत एके-203 क्लाश्निकोव राइफलों की निर्माण इकाई लगाने में मदद के लिए धन्यवाद भी दिया।

प्रधानमंत्री ने मार्च में इस इकाई का उद्घाटन किया था। मोदी और पुतिन के बीच यह पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई 27वीं बैठक थी। दोनों नेताओं के बीच 14 बार द्विपक्षीय और 13 बार बहुपक्षीय बैठकों में मुलाकात हो चुकी है। पुतिन ने एक बार फिर मोदी से कहा कि रूस के पूर्वी क्षेत्र में निवेश करने के लिए भारत को आगे आना चाहिए। इस क्षेत्र में तेल और गैस के काफी भंडार हैं जिसे दोनों देश मिलकर निकाल सकते हैं। इसके अलावा मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत रूस के हथियारों के निर्माण की संभावनाओं पर भी दोनों के बीच बातचीत हुई है।

मोदी-इमरान में नही हुई दुआ-सलाम

एससीओ बैठक के मेजबान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों लिए दिए रात्रिभोज के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच दुआ-सलाम तक नहीं हुई। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्री पहली बार आमने-सामने आए थे। उल्लेखनीय है कि पिछले साल चीन में हुई एससीओ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति ममनून हुसैन से हाथ मिलाया था और दोनों ने एक-दूसरे का हालचाल भी पूछा था।

Related News