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जानें शीतला अष्टमी का महत्व और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 9 मार्च 2018 को पड़ रहा है। इस पर्व में बासी भोजन किया जाता है, इसीलिए इसे बसोड़ा या बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है।

शीतला माता की पूजा के दिन यानी शीतला अष्टमी को चूल्हा नहीं जलाने की परंपरा है। इसीलिए शीतला अष्टमी से एक दिन पहले ही खाना बनाकर रख लिया जाता है। सर्वप्रथम स्कन्दपुराण में शीतला मां के बारे में जानकारी मिलती है।

साफ सफाई के महत्व को दर्शाने के लिए शीतला माता के हाथ में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं। इनका स्वरूप अत्यंत शीतल है और रोगों को हरने वाला है। इसीलिए इनकी पूजा के बारे में कहा जाता है कि यह निरोगी रहने का वरदान देने वाली हैं।