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यहां बना अमरनाथ से भी ऊंचा बर्फ का शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु

मनाली। आज तक आपने प्रसिद्ध अमरनाथ के बाबा बर्फानी शिवलिंग के दर्शन किए होंगे लेकिन आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के मनाली की पहाड़ियों के बीच खुले आसमान के नीचे धरती के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग जिसकी उंचाई 30 से 40 फीट तक होती है उसके दर्शन करवाएंगे और यह शिवंलिग क्यों बनता है? क्या मान्यता है? शिवलिंग से जुड़े क्या रहस्य है इससे भी रूबरू करवाएंगे।


धरती पर दूसरा स्थान जहां बनता है बर्फ का शिवलिंग


मनाली से महज 12 किलोमीटर दूर सोलंग वैली जहां से शुरू होता है 2 कि.मी. पहाडी रास्तों से अंजनी महादेव का सफर। इस स्थान के लिए सोलंग वैली से ही पैदल चलने योग्य रास्ता बनाया गया है और श्रद्धालु घोड़ो पर इस स्थान तक पहुंच सकते है। शिवलिंग के साथ ही पहाड़ के नीचे बाबा की कुटिया है जिसमें पिछले कई सालों से बाबा प्रकाश पुरी 12 महीने सर्दी और गर्मी में यहां रहते थे। कुछ साल पहले उनकी मृत्यु के बाद बाबा के शिष्य अब इस कुटिया में रहकर बाबा की पूजा करते है।

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अमरनाथ से भी बड़ा होता है इस शिवलिंह का स्वरूप


गौरतलब है कि अमरनाथ के शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 22 फीट होती है और लोग कई दिनों की कठिन यात्रा कर बाबा के दर्शन प्राप्त करते हैं लेकिन इस अंजनी महादेव में बनने वाले 30 से 40 फीट तक के शिवलिंग के दर्शन आप मनाली के सोलंग वैली में पहुंच कर कुछ ही घंटों में कर सकते है।

anjani mahadev


क्या है शिवलिंग से जुड़ा रहस्य?


बताया जाता है कि यहां पर माता अंजनी ने पुत्र प्राप्ति के लिए तपस्या की थी और उनकी तपस्या से खुश होकर भगवान शिव प्रकट हुए थे। तभी से लेकर यहां पर यह बर्फ का शिवलिंग बनता है। माता अंजनी इस स्थान पर बनते शिवलिंग की पूजा व तपस्या करती थी तथा इस गुप्त स्थान के बारे में किसी को भी पता नहीं था लेकिन बाबा के लोगों को बताने के बाद से ही अबतक दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा के इस विशाल रूप को देखने आते है। लोग इस शिवलिंग को अमरनाथ जैसा ही शाक्तिशाली मानते हैं तथा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां दर्शन करने आते है। हर साल दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च तक इस विशाल रूप के दर्शन करने लोग 2 किलोमीटर आसान यात्रा कर यहां पहुंचते हैं।

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बर्फबारी से चमक उठी मनाली, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु


खुले आसमान में दिसंबर माह में ही इस स्थान में यह शिवलिंग रूप लेना शुरू कर देता है तथा जनवरी माह तक पूर्ण रूप लेकर इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 35 से 40 फीट हो जाती है। हजारों की संख्या में सैलानी व श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। वहीं यह स्थान सैलानियों के आर्कषण का केंद्र बना हुआ है जहां सैलानी बाबा के दर्शन के साथ-साथ बर्फ से जुड़ी गतिविधियों का भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।