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महिला को लगा पीएम ने भेजे रुपए, खर्च कर दिए जनधन खाते में साढ़े 3 लाख रुपए

(शिवपुरी)। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के एक गांव में अजीब सा घटनाक्रम हुआ। एक महिला के जनधन खाते में अचानक साढ़े 3 लाख रुपए आए। उसे लगा ये रुपए पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने उसके खाते में भेजे हैं। इस पर महिला ने थंब इप्रेशन मशीन से रुपए निकाले और फिर अपना सारा कर्ज, उधार चुकता कर दिया। इतना ही नहीं महिला ने अपने लिए गहने और पति के लिए मोटरसाइकिल भी ले ली। इसका पूरा खर्चा करीब 3 लाख 10 हजार रुपए हुआ।

अभी ये परिवार खुशी ही मना रहा था कि बैंक मैनेजर पुलिस लेकर उनके घर पहुंचा। मैनेजर ने जब महिला को बताया कि ये रुपया उसका नहीं है तो हैरान रह गई। मैनेजर ने उसे ये बताया कि ये रुपया गलती से उसके खाते में आया, इसलिए इसे तुरंत वापस करे, नहीं तो जेल हो जाएगी। फिलहाल महिला को कुछ मोहलत दी गई है, उधर बैंक मैनेजर उसके पास बचे 85 हजार रुपए लेकर चले गए।

दरअसल ये वाकया शिवपुरी के करैरा के सिरसोना गांव का है। यहां रहने वाली ममता कोली का जनधन खाता है। बैंक की गलती से गांव के एक व्यापारी अनिल नागर का खाता महिला ममता कोली के आधार नंबर से लिंक हो गया। महिला जब कियोस्क सेंटर पर थंब इंप्रेशन मशीन से पैसे निकालने पहुंची तो उसे पता चला कि उसके खाते में साढ़े 3 लाख रुपए से ज्यादा हैं। उसने अलग-अलग दिन अंगूठा लगाकर कुल 3.10 लाख रुपए निकाल लिए। उसे लगा कि उसके खाते में ये रुपया पीएम मोदी ने भेजा है। लिहाजा उसने रुपए निकालकर अपना सारा कर्ज चुका दिया, गहने ले लिए और पति सुरेंद्र कोली के लिए मोटरसाइकिल खरीद ली।

बैंक अधिकारी जब पुलिस लेकर महिला के घर पहुंचे तो मामले का खुलासा हुआ। लेकिन इसके बाद से महिला तनाव में है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि ये रुपए गलती से महिला के खाते में आए तो उसे रिकवर करना जरुरी है। यदि महिला ने पैसे वापस नहीं किए तो पुलिस कार्रवाई की जाएगी। बैंक अधिकारी महिला के पास बचे 85 हजार रुपए ले गए।

महिला का कहना है कि उनका जनधन खाता जीरो बैलेंस पर खुला था। उसे लगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ये रुपया उनके खाते में डाले हैं लिहाजा उसका उपयोग कर लिया। महिला ने बताया कि उसे नहीं मालूम कि उसका खाता किसने और कहां लिंक किया।

व्यापारी के खाते से किया लिंक

बैंक ने दरअसल गलती से गांव के ही कपड़ा व्यापारी अनिल नागर के आधार नंबर से खाता महिला के खाते से लिंक कर दिया। इससे जब व्यापारी ने अपने खाते में रकम जमा कराई तो वो महिला के खाते में पहुंच गई। व्यापारी ने बताया कि उसने अपना ट्रैक्टर 3.50 लाख में बेचा था और मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा में अपने खाते में जमा कराए थे। जब 27 फरवरी को उसने चेक लेकर छोटे भाई को बैंक से रुपए निकालने भेजा तो पता चला कि खाते में रुपए आए ही नहीं। अनिल जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाते से 3.10 लाख निकल चुके हैं। बाद में जांच हुई तो गलत आधार नंबर लिंक मिला जो ममता कोली का पाया गया। इसके बाद बैंक की ओर से रिकवरी का कार्रवाई शुरू की गई।

व्यापारी ने बताया कि 5 मई को उसकी बेटी की शादी है। शादी के लिए रुपयों का इंतजाम करने के लिए ही उसने ट्रैक्टर बेचा था। लेकिन बैंक की गलती से ये गड़बड़ हो गई। अब बैंक की जिम्मेदारी है कि वो उसे जल्द से जल्द रुपए दिलाए।

इधर बैंक ने भी महिला को रुपए लौटाने के लिए थोड़ी मोहलत दी है। बैंक अधिकारियों ने ये भी कहा कि महिला रुपए नहीं लौटाएगी तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।