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Annual Horoscope 2020 : नए साल में जानिए किन राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ, किसे करना पड़ेगा संघर्ष

दिसंबर महीने के साथ ही साल 2019 अलविदा कहने को तैयार है और जनवरी नए साल, नई उम्मीदों के साथ जीवन का आगाज करने जा रहा है। 2020 का सूरज आपके धार्मिक कार्यों और भाग्य का नया सवेरा लेकर आने वाला है। बीते साल में कहां भाग्य ने साथ दिया और कहां काम बनते-बनते रह गए, यह तो हर कोई जानता है। मगर, आने वाले साल में किन लोगों को भाग्य का साथ मिलेगा और किन्हें अपनी मंजिल को हासिल करने के लिए करनी होगी कड़ी मेहनत, यह सभी जानना चाहते हैं। साल 2020 आपके धार्मिक जीवन और भाग्य के मामले में कैसा बीतेगा, इस बारे में ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजर्स सोसाइटी के कानपुर चैप्टर के वाइस चैप्टर चेयरमैन शील गुप्ता ने विश्लेषण किया है...

ग्रहों की चाल के आधार पर ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि आने वाला साल 2020 आपके लिए क्या सौगात लेकर आ रहा है और किन राशि वाले जातकों को सावधानी रखनी चाहिए। हालांकि, यह सामान्य भविष्यकथन है। मगर, यदि आप अपने बारे में सटीक जानकारी चाहते हैं, तो आपको सलाह दी जाती है कि अपनी कुंडली की विवेचना किसी योग्य ज्योतिषी से जरूर करवाएं। पहले जान लेते हैं कि इस साल दो बड़े ग्रहों की चाल कैसी रहने वाली है... 

मेष राशि -पिछले लंबे समय से जो स्थितियां प्रतिकूल चल रही थी, उनमें सुधार आता जाएगा। वर्ष के प्रारंभ में भावनाओं पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। भाग्य का सहयोग वर्ष के उत्तरार्ध में प्राप्त होगा। स्वभाव में कठोरता न आने दें। क्रोध से बचने का प्रयास करें। मानसिक तनाव से दूर रहें। धार्मिक यात्राएं माह सितंबर में संभावित हैं। नवंबर में किसी बड़े धार्मिक आयोजनों में भाग ले सकते हैं। दिसंबर माह में संतान के प्रति विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। हनुमान जी की विशेष कृपा मेष राशि वाले जातकों को होती है, अतः हनुमान जी को चोला चढ़ाने से व दर्शन पूजा से लाभ होगा।

वृष राशि - इस राशि वाले जातकों को इस वर्ष उत्तरार्ध में भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। तमाम कोशिशों के बावजूद जीवन में परेशानियां बढ़ती जाएंगी। विवेक से काम लेना होगा। कामकाजी महिलाओं को अपने क्षेत्र में बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से संतुष्टि रहेगी। कुटुंब में कोई वैवाहिक या धार्मिक कार्यक्रम होने से जिम्मेदारियां अप्रत्याशित रूप से बढ़ेंगी, जिन्हें आप सफलतापूर्वक निर्वहन कर पाएंगे। जन्म स्थान से दूर किसी ऊंचे स्थान की यात्रा हो सकती है। कुलदेवता के पूजन से भाग्य का साथ मिल सकता है।

मिथुन राशि- पूरे वर्ष प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। भाग्य में हानि और अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे। जो भी जिम्मेदारियां प्राप्त होंगी, उनके निर्वाहन करने में भी परेशानियां आएंगी। जुए सट्टेबाजी से बिल्कुल दूर रहें। जिन जातकों की राहु की दशा है, वो विशेष रूप से इस वर्ष देवी भक्ति करें अन्यथा विशेष प्रतिकूल परिस्थितियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इस वर्ष क्षमता से अधिक कार्य करने से व जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए अत्याधिक खर्च करना पड़ेगा कई कार्य अधूरे छूटेंगे या आगे के लिए टलेंगे। शरीर में आलस्य बढ़ेगा। यथासंभव इस वर्ष यात्रा टाल दें, आवश्यक हो देवस्थान की यात्रा कर सकते हैं।

कर्क राशि- इस राशि वाले जातकों को इस वर्ष पूर्वार्ध में भाग्य में प्रतिकूलता लगेगी। वर्ष के उत्तरार्ध में स्थितियां अनुकूल होंगी और भाई बहनों का भरपूर साथ मिलेगा। हालांकि, पूर्वार्ध में छोटे भाई बहन से मनमुटाव हो सकता है धन के लिए यह समय अच्छा है। खुद को क्रोध से बचना होगा। व्यय भार बढ़ता जाएगा, परंतु आमदनी भी उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी। शिवजी की उपासना उससे से स्थितियां अनुकूल होंगी।

सिंह राशि- सिंह राशि वाले जातकों को भाग्य उन्नति के अनेक अवसर प्राप्त होंगे। व्यवसाय में प्रतिद्वंदी परास्त होंगे भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा आपके भाग्य से रिश्तेदारों का भी सहयोग प्राप्त होगा। रहन-सहन का स्तर बढ़ेगा। जमीन-वाहन खरीद सकते हैं। मंदिर आदि निर्माण के भी योग बनेंगे। नौकरी-पेशा वालों की उन्नति होने की संभावना है। कामकाजी महिलाओं की अधिक भागदौड़ रहेगी सभी क्षेत्रों में अच्छी सफलताएं मिलेंगी। सत्यनारायण भगवान की कथा श्रवण से भाग्य को बल मिलेगा।

कन्या राशि- इस राशि वाले जातकों को नए साल में उथल-पुथल वाले घटनाक्रम का सामना करना पड़ सकता है। कुछ नई परेशानियां भी सामने आएंगी व कर्तव्य निर्वहन में धैर्य से सामना करने से व अच्छे व्यवहार से सफलता प्राप्त होगी। भैरव जी का दर्शन पूजन लाभ देगा।

तुला राशि- पिछले कई समय से लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। शत्रु पक्ष भी परास्त होगा। कार्य की अधिकता हो सकती है चित में व्याकुलता रहेगी। समाज में यश प्रतिष्ठा बढ़ेगी। दैनिक दिनचर्या भी सुचारु रुप से चलेगी। धार्मिक कार्य उत्सव में मन लगेगा। वैभव लक्ष्मी व्रत करने और कन्या भोजन शुक्रवार को करने से लाभ होगा।

वृश्चिक राशि- पिछले लंबे समय से चला आ रहा कष्ट दूर होगा। नौकरी की तैयारी कर रहे या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों को सफलता प्राप्त होगी। जिन जातकों की शादी नहीं हुई है, इस वर्ष उनकी शादी के अच्छे योग हैं। गुरुवार को गाय को गुड़ वह आटे की लोई खिलाने से स्थितियां और भी अच्छी रहेंगी। साधु-संत के दर्शन करने और जल के निकट की यात्रा इस वर्ष हो सकती है। भाग्य का सहयोग भरपूर मिलेगा।

धनु राशि- इस राशि के जातकों को यह वर्ष उथल-पुथल भरा रहेगा, खासकर वर्ष के पूर्वार्ध में मानसिक अशांति रहेगी। हानि महसूस करेंगे, हर कार्य में अड़चन आएगी, कलह से बचें, शत्रु हावी रहेंगे। अनावश्यक वाद विवाद हो सकता है। वर्ष के उत्तरार्ध में जुलाई के उपरांत कार्य बनने की संभावना रहेगी, लेकिन अधिकतर कार्य आगे के लिए टलेंगे। धनु राशि वालों की साढ़ेसाती भी चल रही है। अतः पीपल के पेड़ में दीया जलाने से भाग्य का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।

मकर राशि- इस राशि वाले जातक जातकों के लिए यह वर्ष संघर्षपूर्ण ही रहेगा। व्यवसाय क्षेत्र में कठिन प्रयास करने होंगे। बात-बात में झुंझलाहट, वाणी में कठोरता रहेगी। जिन जातकों की राहु-केतु और शनि की दशा है उनको इस वर्ष भाग्य में अवरोध का सामना करना पड़ सकता है। राहु-केतु और शनि की शांति करानी होगी। इस वर्ष धैर्य रखें, अनुकूल समय का इंतजार करें। बड़े-बुजुर्गों के आशीर्वाद से भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा माता-पिता के सेवा पूजा से लाभ होगा।

कुंभ राशि- इस राशि वाले जातकों के लिए वर्ष बाधाओं और अड़चनों का है। विद्यार्थियों को अवश्य ध्यान से लाभ होगा। मन में उग्रता बेचैनी रहेगी। दूसरों के वाद-विवाद में न पड़ें। अधिकारियों से वाद विवाद न करें। गृह-प्रपंच आदि से दूर रहें। सत्यनारायण कथा को सुनने-करने और अपने कुल देवी-देवता के पूजन से लाभ होगा।

मीन राशि- वृद्ध पुरुषों या बड़े भाई से लाभ होने की संभावना है। वर्ष के शुरुआत में अत्याधिक धन हानि हो सकती है। नेत्र, उदर रोग या जीवन शैली की बीमारियां परेशान कर सकती हैं। वर्ष के उत्तरार्ध में सितंबर के बाद स्थिति आपके अनुकूल होगी। माता के आशीर्वाद से या किसी महिला के सहयोग से कार्य पूरे होते रहेंगे। मछलियों को दाना डालें, असमय भोजन से बचें, लंबी धार्मिक यात्रा के योग हैं।