Follow us:

Tax स्लैब में बदवाल का प्रस्ताव, ऐसा हुआ तो 10 लाख तक कमाने वालों को मिल सकती है बड़ी राहत

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में भले ही इस बार नौकरीपेशा लोगों की टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीदों पर पानी फिर गया हो लेकिन आने वाले दिनों में कुछ अच्छा हो सकता है। खबरों के अनुसार नए डायरेक्ट टैक्स कोड का मसौदा तैयार करने के लिए गठित टास्क फोर्स द्वारा पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपी गई रिपोर्ट में इसे लेकर प्रस्ताव दिया गया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि 10 लाख रुपए सालान तक कमाने वालों को 10 प्रतिशत ब्याज वाले टैक्स स्लैब में रखा जाए।

हालांकि, यह साफ कर दें कि यह केवल एक प्रस्ताव है और इसे फिलहाल केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिली है। साथ ही यह भी नहीं कहा जा सकता है कि सरकार इसे मंजूर कर ही लेगी। लेकिन अगर ऐसा होता है तो आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।

टास्क फोर्स द्वारा हाल ही में वित्त मंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट में प्रस्ताव दिया गया है कि आयकर की पहली स्लैब में बदलाव किया जाए। इस स्लैब में वो लोग आते हैं जिनकी कमाई सालान 2.5 लाख है जिसमें कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं दूसरी स्लैब 2.5 से 5 लाख तक की है जिसमें 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। टास्क फोर्स का प्रस्ताव है कि इस स्लैब को 10 लाख तक बढ़ा दिया जाए और इस पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया जाए। साथ ही 5 लाख तक की आय पर फुल रिबेट दिया जाए।

प्रस्ताव की जानकारी देते हुए इससे जुड़े शख्स ने बताया कि, 'इसके अनुसार 5 लाख तक कमाने वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा वहीं 5 से 10 लाख तक की आय वालों को 10 प्रतिशत टैक्स ही देना होगा। इस तरह वो सालाना 37,500 रुपए तक बचा लेंगे।'

फिलहाल 5 से 10 लाख तक की आय वालों को सालाना 20 प्रतिशत के हिसाब से आयकर देना होता है। अगर टास्क फोर्स के प्रस्ताव को माना जाता है तो इस स्लैब में आने वालों को सालाना 1 लाख रुपए तक का फायदा होगा। इसके अलावा तीसरा स्लैब 10 से 20 लाख रुपए काहै जिस पर 20 प्रतिशत टैक्स प्रस्तावित है।

पैनल ने चौथा स्लैब 20 लाख से 2 करोड़ तक की आय वालों का बताया है जिस पर 30 प्रतिशत टैक्स प्रस्तावित किया है जबकि 2 करोड़ से ऊपर की आय वालों से 35 प्रतिशत टैक्स लेने का प्रस्ताव है।

हालांकि, फिलहाल यह सिर्फ एक जानकारी है और इस बारे में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस के अलावा केंद्र सरकार की तरफ से भी कोई फैसला या प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

बता दें कि 20 अगस्त को ही पैनल ने सारे प्रस्ताव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपे हैं। इनमें डायरेक्ट टैक्स में मध्यम वर्ग को राहत के साथ ही घरेलू और विदेशी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की समान दर रखते हुए कॉरपोरेट टैक्स का बोझ भी हल्का करने का प्रस्ताव है। सूत्रों ने कहा कि टास्क फोर्स की सिफारिश के आधार पर डायरेक्ट टैक्स कोड में सरकार डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स को खत्म कर सकती है।

Related News