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Income Tax Return : जरूर बताएं आय का स्रोत, नहीं तो लगेगा 77.25 फीसदी टैक्स

रायपुर। टैक्स रिटर्न भरने में लापरवाही बरतने वाले करदाता सावधान हो जाइए। आपकी थोड़ी सी भी गलती या लापरवाही की तो आपको 77.25 फीसद टैक्स भरना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि इन दिनों आयकर विभाग ने ऐसे मामले में सैकड़ों करदाताओं को नोटिस भेजा है और करदाता इससे छुटकारे के लिए सीए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार आयकर की धारा 115 बीबीई में बदलाव हुआ है। वहले इसमें 30 फीसद टैक्स था लेकिन अब इसमें टैक्स और सरचार्ज मिलाकर 77.25 फीसद टैक्स देना पड़ सकता है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को चाहिए कि अपना टैक्स पूरी तरह से ईमानदारी से भरें और किसी भी प्रकार से आय होती है तो उसका स्त्रोत मालूम होना चाहिए।

अगर करदाता ईमानदारी के साथ टैक्स देते है तो 5, 20 और 30 फीसद टैक्स ही देना होगा लेकिन आयकर की इस धारा में फंसे तो 77.25 फीसद देना होगा। बताया जा रहा है कि 31 दिसंबर 2019 को कर निर्धारण वित्तीय वर्ष 2016-17 स्क्रूटनी वाले केस का कर निर्धारण हुआ है।

इसमें आयकर विभाग ने धारा 115 बीबीई के तहत कार्रवाई कर रहे हैं, इसलिए करदाताओं को टैक्स रिटर्न भरते समय किसी भी प्रकार से लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जिन लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं,उनमें अधिकांश मामले नोटबंदी के दौरान के हैं और ज्वेलर्स, रिटल इस्टेट कारोबारी,लोहा कारोबारी काफी अधिक संख्या में है।

ऐसे समझ सकते हैं

मान लीजिए आपको 50 लाख की आय हुई है और आप यह जानकारी नहीं दे पा रहे हैं कि आपको यह आय कहां से प्राप्त हुई है। इस पर आपको सीधी-सीधे 50 लाख का 77.25 फीसद यानि 36 लाख के करीब टैक्स पटाना पड़ सकता है।

इन तरीकों से बच सकते हैं

अगर आप आयकर विभाग की ओर से इस धारा में फंस रहे हैं तो आपके पास तीन ऑप्शन रहते हैं,जिनका उपयोग आप कर सकते हैं, लेकिन इन तरीकों का इस्तेमाल आप उसी हालत में करें, जब आप पूरी तरह से कन्फर्म हो कि आप गलत नहीं है और विभाग की ओर से गलती हुई है।

ये कर सकते हैं

- आयकर कमिश्नर के पास जाकर रीविजन के लिए आवेदन दे सकते हैं।

- अगर क्लर्किल त्रुटि हो तो आयकर की धारा 154 के अंतर्गत 30 दिन के अंदर अपील कर सकते हैं।

- अपना टैक्स पूरी ईमानदारी से भरें और किसी भी प्रकार से अपनी आय न छिपाएं। आय के स्त्रोत की जानकारी रखें तो किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं होगी। - चेतन तारवानी, पूर्व अध्यक्ष आयकर बार एसोसिएशन

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